नफरती हिंसा की आग में झुलसता बंगाल!

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पंकज कुमार ठाकुर के साथ शशि शंकर शर्मा!

मारामारी ,लूटपाट ,हत्या से थर्राया बंगाल!

क्या दीदी के दुर्ग में कोई ऐसा तीर जो इस रक्तचरित्र चेहरे का खेला शेष ?

2 मई को बंगाल में टीएमसी की बंपर जीत के बाद एक बार फिर बंगाल में लूटपाट, हत्या और आगजनी की हिंसा शुरू हो गई है ।और फिर से बंगाल का रक्त चरित्र जनता के जेहन में बैठना शुरु हो चुका है। राजनीतिक हिंसा की उठी इस आग से दहल उठा बंगाल और लोकतंत्र तार-तार होता दिखा, जहां दो आपसी राजनीतिक प्रतिद्वंदी भिड़ गए ।दर्जनों मोटरसाइकिल जलाई गई, कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई तो कई दफ्तरों को आग के हवाले कर दिया गया तो कई घरों की आवाज तो आग और चित्कार के बीच गुम हो गई। हुगली, मालदा, दिनाजपुर, नंदीग्राम कोई ऐसा विधानसभा क्षेत्र नहीं है। जहां से लोगों ने रक्त चरित्र बंगाल का नहीं देखा। और हर विधानसभा क्षेत्र में फिलहाल सिसकी और टीस की जद्दोजहद के बीच जी रहे हैं लोग। और इसका बयां कई सीसीटीवी कैमरे भी कर चुके हैं।
ममता बनर्जी ने चुनाव के वक्त खेला होवे का नारा दिया था। जीत के साथ ही रक्त चरित्र हिंसा खेला शुरू हो गया। लेकिन अब क्या जिस तरह से हिंसा का नया खेला शुरू हुआ है। क्या दीदी के दुर्ग में कोई ऐसा तीर होगा जो इस रक्तचरित्र चेहरे का खेला शेष होवे यह तो देखना अब लाजमी होगा

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