रिपोर्ट – अमित कुमार
जहरीली शराब कांड से प्रभावित परिवार के लोगो से मुलाकात की
2 दर्जन परिवारों से मुलाकात की
मरने वालों की संख्या 100 पार कर चुका है सरकार आंकड़ों को छुपा रही है, बड़ी संख्या में लोगो ने शवों को जला दिया पुलिस के डर से
अस्पताल में कोई बेवस्थ नही है
सरकार ने असोतलो में योग्य व्यवस्था की होती तो लोगो को बचाया जा सकता था
प्रशासन ने इंतजाम कर दिया है कि जो पिएगा वो मरेगा,लोग पुलिस के डर से अपनो को मरता देख रही हैं
कानून में कही पर भी ये प्रावधान नहीं है कि जो पिएगा वो मरेगा,पीने वाले को फाइन किया जा सकता है
मुख्यमंत्री अहंकार के साथ बोलते हैं की जो पिएगा वो मरेगा
जिस शराब को पीने से सैकड़ों लोगों की मौत हुई है उसको बनाने के लिए स्प्रिट स्थानीय मशरक थाने से आपूर्ति की गई थी
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड में भी राज्य सरकार आंकड़ों को छुपा रही है
सरकार 6 वर्षो में केवल 23 लोगो की मौत हुई है शराब पीने से
ये प्रावधान है कि अगर जहरीली शराब से मौत पर मृतक को 4 लाख रुपए और उससे घायल को 2 लाख रुपए मुआवजा देने का प्रावधान है,ये रकम शराब बेचने वाले से वसूला जाएगा और मृतक के परिजन को दिया जाएगा
गरीबों के प्रतीब्य सरकार संवेदनशील सरकार है
बीजेपी वालो को धमकी देते हैं कि बर्बाद हो जाओगे,इस बयान के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बीजेपी से माफी मांगनी चाहिए
छोटे अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया,वही एसपी और डीएसपी पर कोई करवाई नहीं की,किसी दरोगा की इतनी हिम्मत नहीं है कि बिना एसपी के संरक्षक के शराब नहीं बेचा जा सकता है
नीतीश कुमार को जल्द से जल्द इस्तीफा देकर तेजस्वी को मुख्यमंत्री बना देना चाहिए ताकि वो शराब बेचने वालों पर नियंत्रण पा सके,क्योंकि ये शराब बेचने वाले तेजस्वी के आदमी हैं
नीतीश कुमार के सहयोगी को में अनुरोध करूंगा कि आप लोग नीतीश जी पर दबाव बनाए,भले क्रेडिट भी आप ही ले जाए
हम लोग शराबबंदी को खत्म करने के समर्थन में नही है,जब शराबबंदी को नीतीश जी ने घोषणा की थिनस समय हम लोग विपक्ष में थे
एक बार फिर से बीजेपी ने बिहार मे शराबबंदी को विफल बताया




