कैमूर/भभुआ(ब्रजेश दुबे):
जिले से कुपोषण को दूर करने के लिए आईसीडीएस ने कवायद तेज कर दी है। विभाग ने कुपोषित बच्चों की पहचान के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। जिसके तहत जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर वीएचएसएनडी के पूर्व 0-6 वर्ष के बच्चों की होगी वृद्धि निगरानी की जानी है। कुपोषण की समय पर पहचान के लिए नियमित रूप से वृद्धि निगरानी आवश्यक है, ताकि कुपोषित बच्चों में कुपोषण को समय से दूर करने की योजना से लाभान्वित करते हुए उचित परामर्श दिया जा सके। जिसको देखते हुए सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर वजन सप्ताह का आयोजन कर सभी बच्चों की वृद्धि माप की जाएगी। वीएचएसएनडी के दिन चिह्नित गंभीर कुपोषित बच्चों का एएनएम के द्वारा स्वास्थ्य जांच की जाएगी । अति गंभीर कुपोषित बच्चों, जिन्हें पोषण के साथ चिकित्सा की भी आवश्यकता है उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) रेफ़र किया जाएगा। अन्य कुपोषित बच्चों के माता-पिता एवं देखभालकर्ता को आहार विविधता, उच्च ऊर्जा युक्त भोजन, व्यतिगत स्वच्छता पर परामर्श एवं स्वास्थ्य एवं पोषण से संबंधित सेवाओं से जोड़ा जाएगा। इसको लेकर सरकार स्तर से पत्र जारी किया गया है।




