कैमूर/भभुआ(ब्रजेश दुबे):
सामुदायिक सहभागिता के जरिए ऊपरी आहार से संबंधित व्यवहार परिवर्तन में सुधार के लिए आइसीडीएस द्वारा सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर ऊपरी आहार दिवस हर शुक्रवार को मनाया जा रहा है। बच्चे के जन्म के प्रथम 6 माह में माँ का दूध सर्वोतम आहार है। जिससे बच्चे के सभी पोषक जरूरत पूरी हो जाती है। लेकिन छह माह बाद केवल स्तनपान पर्याप्त नहीं होता. शारीरिक एवं मानसिक गतिविधियों में इजाफा होने के कारण छह माह के बाद स्तनपान के साथ ऊपरी आहार की जरूरत होती है। कैमूर जिले के रामगढ़ प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या सात की लाभुक रुखसाना बताती हैं कि उनके शिशु के जन्म के पहले से ही उन्हें स्तनपान और ऊपरी आहार के महत्त्व के बारे में सेविका दीदी द्वारा बताया जाता था। अब उनका शिशु 6 महीने से अधिक का हो गया है। केंद्र पर उन्हें अपने शिशु को स्तनपान के साथ ऊपरी आहार देने के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया। वह बताये गए तरीकों के साथ अपने शिशु को अर्धठोस आहार का सेवन कराती और उनका शिशु स्वस्थ है। उसका विकास तय मानकों के हिसाब से हो रहा है। बता दें कि ऊपरी आहार की शुरुआत शिशु के 6 माह बाद से की जाती है।




