धर्मेंद्र कुमार की रिपोर्ट
बिहार सरकार के द्वारा 10 लाख सरकारी नौकरियां देने के वादे और दावे की ओर बेरोजगार नवजवान टकटकी लगाकर देख रहे थे पर लगता है सरकार के हवा हवाई वादों की हवा निकल चुकी है , पर अब नई नई एजेंसियों को अनुबंध पर नौकरी देने का फरमान जारी कर पूर्व से काम कर रहे कर्मियों को निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नई एजेंसियों वर्षों से काम कर रहे अनुभवी कर्मियों को निकाल रही है, ताजा मामला पूर्वी चम्पारण,मोतिहारी जिले का है जहां सरकारी आईटीआई कॉलेजों में वर्षों से काम कर रहे लगभग 50 से अधिक ऑफिस अटेंडेंट को नई बहाल कंपनी उर्मिला के नए जारी फरमान को झेलने का डर सताने लगा है । नई कंपनी उर्मिला 2014 से कार्यरत अनुभवी कर्मियों के जगह पर नए कर्मियों की धड़ाधड़ बहाली कर रही है तो फिर इन पुराने कर्मियों की सुधि कौन लेगा। ऐसे में इन कर्मियों को बेरोजगारी का डर सताने लगा है। आईटीआई कॉलेजों में कार्यरत कर्मियों ने बताया कि हम सभी वर्षों से जिले के कॉलेजों में काम कर रहे हैं और अब कॉलेजों में नए कर्मियों की बहाली हो रही है। वही कर्मियों ने मांग किया है कि सभी आईटीआई कॉलेजों में वर्षों से कार्यरत अनुभवी कर्मियों से ही सेवा लिया जाए। अगर सरकार हमारी मांगों को पूरी नहीं करती है तो आने वाले दिनों में एक बड़ी आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। आइए सुनते हैं आईटीआई कॉलेज में बहाल कर्मी की बदहाली की कहानी उन्ही की जुबानी …,,,
बाइट :—– मो o समीम,हेड क्लर्क।
बाइट :—– आसमानी, ऑफिस अटेंडेंट
बाइट :—– उमाशंकर, ऑफिस अटेंडेंट
बाइट :—– कुणाल कुमार यादव,ऑफिस अटेंडेंट




