वंदे मातरम पर अख्तरुल ईमान का भाजपा पर बड़ा हमला – सेकुलरिज्म बनाम राष्ट्रवाद की नई जंग!”

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रिपोर्ट- अमित कुमार

एआईएमआईएम के विधायक अख्तरुल ईमान ने बड़ा बयान देकर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।
जब यह कहा गया कि वंदे मातरम के समय सभी को खड़ा होना पड़ेगा, तो कई मुस्लिम संगठनों ने इसका विरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही। अब इस पूरे विवाद पर अख्तरुल ईमान ने सीधा पलटवार किया है।

अख्तरुल ईमान ने कहा —
“यह सेकुलर इंडिया है। भारतीय सेकुलरिज्म कहता है कि आप अपने धर्म का पालन कीजिए और दूसरे के धर्म का सम्मान कीजिए। संविधान का आर्टिकल 25 हर नागरिक को अपने धर्म, संस्कृति और रीति-रिवाजों का पालन करने की आजादी देता है।”
उन्होंने 1937 का हवाला देते हुए कहा कि उस समय रवीन्द्रनाथ टैगोर और कांग्रेस की बैठक में यह माना गया था कि अगर किसी समुदाय को आपत्ति है तो उस हिस्से को हटाया जा सकता है।
उन्होंने सवाल उठाया —
“उस वक्त महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल क्या राष्ट्रवादी नहीं थे? जिन्होंने जेल जाकर, लाठी खाकर, गोली खाकर देश को आजाद कराया — क्या वे देशभक्त नहीं थे?”
अख्तरुल ईमान यहीं नहीं रुके।
उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि
“जो लोग 50 साल तक अपने दफ्तरों में तिरंगा नहीं फहराते थे, क्या वही आज सबसे बड़े राष्ट्रवादी बन गए हैं?”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि
यह मुद्दा समाज को जोड़ने के लिए नहीं, बल्कि तोड़ने के लिए उठाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आनंदमठ और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के संदर्भ को चुनावी राजनीति से जोड़ा जा रहा है, खासकर बंगाल में चुनावी माहौल को देखते हुए। इस तरह का उन्माद फैला रहे हैं

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