पंकज कुमार जहानाबाद।
यूनीसेफ के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय बाल दिवस का आयोजन पटना में किया गया ।जिसमें समाज कल्याण मंत्री, बिहार सरकार, मुख्य सचिव बिहार सरकार के अतिरिक्त कई संस्थाओं के छात्रो के साथ जहानाबाद जिले के ग्राम काको में अवस्थित जामिया कायनात, कायनात नगर, काको के छात्रों ने “लब पे आती है दुआ बनके तमन्ना मेरी” प्रस्तुत कर सभों को मन मुक्त किया बच्चों के द्वारा इस अवसर पर बाल अधिकार ,बच्चों की शिक्षा एवं बाल मजदूरी पर कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए इस अवसर पर शकील अहमद ककवी, सस्थापक, जामिया कायनात ने ग्राम काको में शैक्षणिक संस्थान के स्थापना का उद्देश्य बताते हुए कहा की
“मैं तो अकेल ही चला गया था मंजिल मगर
लोग साथ आ गए और कारवां बन गय..”
“मैं ने 8 फरवरी 1999 को अपने पैतृक गाँव काको, जहानाबाद, बिहार में अपना मिशन शुरू किया के बच्चों को घर-द्वार पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाए। पारंपरिक और आधुनिक शिक्षा के बीच की खाई को पाटने के लिए पहल की जाए। इसी कड़ी में कायनात इंटरनेशनल स्कूल की स्थापना की गई, जो अब सीबीएसई + 2 स्तर से संबद्ध है और समानांतर, जामिया कायनात, मदरसा, बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड, पटना, बिहार से मौलवी अस्तर तक संबद्ध है।
आज मुझे अपने गांव के बच्चों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के मंच पर साहस और सफलता पर पार्तिभागि के रूप में देख कर गर्व हो रहा है।
आज जामिया कायनात के बच्चे पटना के लेमन ट्री होटल में यूनिसेफ के कार्यक्रम ‘विश्व बाल दिवस’ 20 नवंबर में भाग ले रहे ।
इस कार्यक्रम में मुख्य सचिव आमिर सुभानी मौजूद थे। उन्होंने जामिया कायनात के बच्चों के द्वारा प्रस्तुत कव्वाली “लब पे आती है दुआ” की भरपूर सराहना की जबकि श्रीमती नफीसा बिन शफीक, मिशन हेड, यूनिसेफ,पटना ने अपने बचपन की कहानी सुनकर कर बच्चों को उत्साहित किया।,इसमें समाज कल्याण मंत्री के अतिरिक्त कई लोग मौजूद थे। मंच पर ग्रामीण छेत्र काको, जहानाबाद के बच्चो को उत्साहित करते हुवे उनके परस्तुरिति पर समानित किया गया।




