कैमूर/भभुआ(ब्रजेश दुबे):
कैमूर जिले के कुदरा प्रखंड मुख्यालय पर शुक्रवार को अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस )के राज्य नेतृत्व के आह्वान पर प्रखंड मुख्यालय पर धरना- प्रदर्शन के माध्यम से मांग पत्र दिया। कार्यक्रम में सदस्यों ने मुख्य मांग रखा. मुख्य मांग जो लोग जहां बसे हैं उनका सर्वे हो और उसे बासगीत पर्चा/ लिज या पट्टा मिले। बिना वैकल्पिक व्यवस्था के दलित – गरीबों की बस्तियों – घरों को उजाड़ने पर रोक लगे। प्रधानमंत्री योजना के तहत पांच लाख की सहायता राशि गरीबों को मिले। 12 साल से रह रहे परिवारों को जमीन के कागजात नहीं रहने पर भी आवास योजना का लाभ मिले। इस योजना में जारी घूसखोरी पर रोक लगे। दलित गरीबों के बकाया बिजली बिल की माफी हो और उन्हें 200 युनिट फ्री बिजली पंजाब दिल्ली के तर्ज पर मिले। तमाम पर्चा धारियों के दखल दहानी का विशेष अभियान सरकार चलाएं और कार्ड से गरीबों को निरस्त करने की कार्रवाई पर रोक लगे। हाईकोर्ट की सुनवाई में गरीबों को पार्टी बनाया जाए और उस मुकदमा में पैरवी करने के खर्च को सरकार बहन करें। 60 साल के ऊपर सभी महिला पुरुषों को 3000 मासिक पेंशन सरकार दे। प्रति महीना अकाउंट में पहुंचाने की गारंटी करें। राशन कार्ड से गरीबों को छाटने का खेल बंद हो और सभी गरीबों को राशन कार्ड बनाया जाए।
साथ ही मांगों में राशन में गेहूं चावल के साथ-साथ दाल तेल और मसाले की व्यवस्था अन्य राज्यों की तरह सरकार करें। मनरेगा में मांग के आधार पर 200 दिन काम और 600 दैनिक मजदूरी और कार्यस्थल पर सप्ताहिक मजदूरी के भुगतान की गारंटी हो। ग्राम बेरूआर के अतिक्रमण के तहत उजाडे गए सभी दलित- गरीबों को विस्थापन- नीति के तहत जमीन पर मुआवजा दिया जाए और पुनर्वास नीति के तहत मकान बनाया जाए। ग्राम बजरकोना में भाजपा नेता के कहने पर बजरकोना के भूमिहीन -दलित -गरीबों को अंचलाधिकारी द्वारा दिए गए अतिक्रमण का नोटिस वापस लिया जाए तथा उस जमीन पर बरसों से बसे हुए दलित – गरीबों को बासगीत पर्चा दिया जाए। मौजा डीहरा में आवास हेतु 17 भूमिहीनों को मिले बासगीत पर्ची के जमीन के ऊपर खींचे जा रहे हाईटेंशन पावर बिजली तार पर रोक लगे अन्यथा 17 पर्चा धारियों को दूसरी जमीन पर बासगीत पर्चा देकर दखल दहानी दिलाया जाए या मुआवजा दिया जाए। कार्यक्रम में अखिल भारतीय खेत मजदूर सभा के सदस्यों ने अपनी मांग रखी व ज्ञापन सौंपा.




