पैसा लेकर भी मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं बनाया वार्ड सदस्य तो जमकर हुई पिटाई!

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ऋषभ कुमार की रिपोर्ट :-

पैसा लेकर भी जनप्रतिनिधि ने नहीं बनाया प्रमाण पत्र तो सरेआम दौड़ा-दौड़ा कर महिला और पुरुष ने की जबरदस्त पिटाई. विधवा महिला से पति की मृत्यु प्रमाण पत्र अन्य प्रमाण पत्र के लिए मांगे थे रुपए. हाई वोल्टेज ड्रामे का वीडियो हुआ वायरल.

सोशल मीडिया पर एक वीडियो बेहद तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में पहले हेलमेट पहना हुआ एक शख्स एक व्यक्ति की जबरदस्त पिटाई कर रहा है. जिसके बाद एक महिला भी उस व्यक्ति की पिटाई करती हुई वीडियो में दिख रही है. यही नहीं जबरदस्त गाली गलौज और हाई वोल्टेज ड्रामा के वीडियो में स्थानीय ग्रामीण भी हस्तक्षेप करते दिख रहे हैं. पिटाई खा रहा शख्स भागकर कुछ लोगों को लेकर आता है और दोबारा गाली सुनते हुए पिटाई खा कर फिर वापस भाग जाता है. दावा किया जा रहा है कि वायरल वीडियो देसरी थाना क्षेत्र के चांदपुरा ओपी के आजमपुर पंचायत वार्ड नंबर 9 का है. हालांकि वायरल वीडियो की कोई भी अधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है ना ही यह पता चल पाया है वीडियो कितना पुराना है. लेकिन बताया जा रहा है कि एक विधवा महिला ने अपने वार्ड सदस्य से पति की मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन दिया था. जिसके बदले वार्ड सदस्य ने 1000 रुपए की मांग रखी थी. कई बार महिला ने वार्ड सदस्य को पैसे भी दिए बावजूद जब उसका प्रमाण पत्र नहीं बना तो उसने आपा खो दिया. अपने कुछ लोगों के साथ हाजीपुर देसरी मुख्य मार्ग पर ही वार्ड सदस्य को पकड़ लिया और फिर उसके साथ मारपीट की गई जिसका बजाता एक सख्स ने मोबाइल से वीडियो भी बनाया और फिर वीडियो को वायरल कर दिया गया. वायरल वीडियो में दिख रहा है कि हेलमेट पहना हुआ एक शख्स पहले आरोपी वाड सदस्य की पिटाई करता है फिर आरोपी भागता हुआ जाता है और तुरंत ही कुछ लोगों के साथ वापस आता है. जिसके बाद महिला आरोपी की पिटाई करने लगती है. अन्य ग्रामीण मौके पर जुट जाते हैं तो महिला बताती है कि प्रमाण पत्र बनवाने के लिए यह व्यक्ति कई बार आया 200 – 400 रुपए करके कई बार लिए बावजूद प्रमाण पत्र नहीं बनाया. जिसके बाद स्थानीय ग्रामीण महिला को समझा-बुझाकर शांत करते हैं और आश्वासन भी लाते हैं उनका प्रमाण पत्र जल्द ही बनवा दिया जाएगा. भोले की वायरल वीडियो के बारे में पुख्ता प्रमाण नहीं है. बावजूद इतना तो कहा ही जा सकता है कि प्रमाण पत्र बनाने के लिए अक्सर पैसे लेने का मामला सामने आता रहा है. कई बार बढ़िया अधिकारियों से इसकी शिकायत भी की जाती है लेकिन अधिकारी कान में तेल डालकर सोए रहते हैं. ऐसे में अगर एक विधवा महिला पैसा देने के बावजूद भी प्रमाण पत्र हासिल नहीं कर पाए और अपना आपा खो दें तो कोई हैरत की बात नहीं होगी. लेकिन इन सबके बीच बड़ा सवाल यह है कि पंचायत सरकार की कल्पना आम लोगों के सहूलियत के लिए की गई थी. लेकिन आज भ्रष्ट जनप्रतिनिधि आम लोगों को ही परेशान कर रहे हैं. ऐसे में क्या आम लोग को अपना मतदान करते समय ईमानदारी से विचार करने की जरूरत नहीं है.

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