रिपोर्ट-अनमोल कुमार
पीएम को बताया तो उन्होंने भ्रष्टाचार से समझौता न करने को कहा था : मलिक
नई दिल्ली : सीबीआई ने 3 अक्तूबर को रिटायर मेघालय के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक से दिल्ली मुख्यालय में पूछताछ की। मलिक से यह पूछताछ उनके उन आरोपों को लेकर की जिसमें उन्होंने दावा किया था कि जब वह जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे, तो उन्हें दो फाइलों को क्लियर करने के लिए 300 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी।
कई राज्यों के राज्यपाल रह चुके मलिक केंद्र सरकार विरोधी अपने बयानों से लंबे समय से लगातार सुर्खियों में बने हुए थे। किसान आंदोलन के दौरान दिए गए उनके कई बयानों ने केंद्र के लिए मुश्किलें पैदा की थीं। उन्होंने दावा किया था कि जब वह जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे, तब उन्हें 300 करोड़ रुपये की रिश्वत ऑफर की गई थी। इसके बाद सीबीआई ने इन आरोपों की जांच शुरू कर दी थी।
एक न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि सीबीआई ने मलिक को दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय में बुलाकर पूरे मामले को लेकर उनसे सवाल-जवाब किया। पिछले साल 17 अक्टूबर को राजस्थान के एक समारोह में मलिक ने कहा था कि दो फाइलें मेरे विचार के लिए आई थीं। सचिवों में से एक ने मुझसे कहा कि अगर मैं इन्हें मंजूरी देता हूं, तो मुझे प्रत्येक के लिए 150 करोड़ मिल सकते हैं। लेकिन मैंने यह कहते हुए प्रस्ताव को ठुकरा दिया कि मैं कश्मीर में पांच कुर्ता पजामा लाया था और अभी उनके साथ वापस जाऊंगा। इसके बाद उन्होंने कहा था कि मैंने दोनों सौदे रद्द कर दिए। मैं जांच के लिए तैयार हूं.. मैं साफ-सुथरा हूं।
मलिक ने आगे बताया कि मेरे एक सचिव ने मुझसे कहा था कि मुझे दोनों सौदों में ₹150 करोड़ मिल सकते हैं, लेकिन मैंने पीएम से समय मांगा और उन्हें घोटाले से अवगत कराया। मैंने उनसे कहा कि वे आपके करीबी विश्वासपात्र होने का दावा करते हैं। मुझे पीएम मोदी की सराहना करनी चाहिए कि उन्होंने मुझे भ्रष्टाचार से समझौता नहीं करने के लिए कहा था। कश्मीर में भ्रष्टाचार व्याप्त था जहां देश के अन्य हिस्सों में 5 फीसदी की तुलना में कमीशन 15 फीसदी था। लेकिन मुझे खुशी है कि मेरे कार्यकाल में कोई बड़ा घोटाला या भ्रष्टाचार नहीं हुआ।




