मोकामा की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की आवश्यकता- अभिनेता अमिय कश्यप!

SHARE:

रवि शंकर शर्मा :-

मोकामा पँहुँचे भूमिहार समाज के पहले सिनेमाई हीरो अमिय कश्यप।कहा, मोकामा की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की है आवश्यकता।
मोकामा(पटना)
बाबा परशुराम की तपोभूमि मोकामा की अपनी एक विशिष्ट आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्ता रही है जिसे आज सहेजे जाने की आवश्यकता है।ये बातें बिहार सिने आर्टिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सह भूमिहार समाज के पहले बॉलीवुड हीरो अमिय कश्यप अपने एक दिवसीय दौरे पर मोकामा पँहुचने पर गुरुवार को कही।प्रखंड क्षेत्र के मोर गाँव के मूल निवासी एवं दो दर्जन से ज़्यादा हिंदी, भोजपुरी एवं मैथिली फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाने वाले अभिनेता अमिय कश्यप ने कहा कि जो सम्बंध बेटे का अपनी माँ से होता है मेरा वही सम्बंध मोकामा की धरती है।उन्होंने कहा कि दुनिया के सामने मोकामा की गौरवशाली एवं वैभवशाली मिट्टी की नकारात्मक छवि प्रस्तुत की जा रही है जो न्यायोचित नहीं है।हमसब मिलकर मोकामा के गौरव को पुनर्स्थापित करेंगें।जट जटिन, चौहर, गुलमोहर, टूटे न सनेहिया के डोर, लव यू दुल्हिन, सईयां ई रिक्शावाला, तीज आदि फिल्मों में अपने शानदार अभिनय के लिए सुर्खियां बटोर चुके अभिनेता अमिय कश्यप के भोजपुरी धारावाहिक श्यामतुलसी को भी काफी लोकप्रियता हासिल हो चुकी है जिसमें ये मुख्य खलनायक की भूमिका निभाए थे।अभिनेता अमिय कश्यप ने बाबा परशुराम स्थल में पूजा अर्चना की एवं अपने पैतृक गाँव मोर पश्चिम भी गए।राष्ट्रकवि दिनकर फिल्मसिटी के संस्थापक सदस्य अभिनेता राकेश महंथ, सामाजिक कार्यकर्ता राजीव कुमार, ब्रह्मर्षि विकास मंच के संयोजक सरोज कुमार आदि मौके पर थे।

Join us on:

Leave a Comment