रवि शंकर शर्मा की रिपोर्ट!
माननीय सुशील कुमार मोदी जी आप तो भारतीय जनता पार्टी के मार्गदर्शक मंडल के प्रतीक्षा सूची के अग्रिम पंक्ति में खड़े हैं
एहसास तो 2020 के विधानसभा चुनाव में के बाद विधायक दल के नेता जिम्मेवारी से भी आप को हटाकर राजनीतिक निर्वासन की प्रक्रिया में भेज दिया गया ।
स्मरण है ना –
2020 के विधानसभा चुनाव के बाद 1अणे मार्ग में आयोजित भाजपा विधायक दल के नेता चुने जा रहे थे, आपने अपने केंद्रीय नेता की उपस्थिति में वहां नारा लगाया था ” नीतीश कुमार जी आप संघर्ष करो, पूरा बिहार तुम्हारे साथ है” और बिहार के विकास पर नीतीश कुमार जी के लिए कसीदे गढ़े थे ।
याद है ना आपको !
जब नीतीश जी को आपने पी०एम० मटेरियल कहा था
जब बिहार में एक मोदी है ही तो दूसरे की जरूरत क्या
याद है अपनी पार्टी का इतिहास 1980 के चुनाव में आपके पार्टी के दो सांसद हुए थे, अहंकार सही नहीं है ।
यह स्वीकार कीजिए कि जब आप भागलपुर से लोकसभा का चुनाव जीते थे तो नीतीश कुमार जी का जयकारा, जॉर्ज फर्नांडिस का जयकारा और समता पार्टी का जयकारा लगाकर लोकसभा पहुंचे थे ।
अब तो आप मार्गदर्शक मंडल के अग्रिम पंक्ति में खड़े हैं सच को कबूल कीजिए-
2004-05 से लेकर 2022 के अक्टूबर तक जिस मामले की चर्चा किया है उसका आज तक निष्पादन नहीं किया गया है क्यों ?
2017 में आई०आर०सी०टी०सी० का मामला आया अब 2022 के अक्टूबर तक क्या हुआ, इसका भी प्रतिवेदन क्यों नहीं पूछा जा रहा है ?
आपकी जुबान राजनीतिक कैदखाने में क्यों कैद हो गई है ?
सवाल आपसे यही है कि –
सत्य को कबूल कीजिए जयकारा हमने लगाया है , CBI असफल है, केन्द्रीय एजेंसी का दुरुपयोग हो रहा है ।
जे०पी० आंदोलन के आप भी हैं ।
कोई अधिनायकवाद के खिलाफ जेल के सलाखों तक पहुंचा था और आप आप जिसे नेता बनाने को बेचैन हैं वह पुलिस की डर से फरार रहते थे और तड़ीपार भी हुए थे ।
कम से कम मार्गदर्शक मंडल में जाने से पहले इन सवालों का जवाब जरूर दीजिएगा कम से कम आने वाली पीढ़ी इस बात को स्मरण रखेगी ।




