पंकज कुमार जहानाबाद।
पॉक्सो की विशेष न्यायाधीश रश्मि की अदालत ने सुनाया फैसला
स्थानीय व्यवहार न्यायालय स्थित पॉक्सो न्यायालय के विशेष न्यायाधीश रश्मि की अदालत ने शुक्रवार को नाबालिग के शादी के नियत से अपहरण कर दुष्कर्म करने के दोषी पवन कुमार को भादवि की धारा 376 तथा पाॅकसो की धारा चार के तहत दोषी करार देते हुए दोनों धाराओं में आजीवन कारावास और दस दस हजार रुपये अर्थदंड भुगतान करने का फैसला सुनाया। न्यायालय ने आरोपी पवन कुमार को भादवि की धारा 366 ए में भी दोषी पाते हुए 7 साल का सश्रम कारावास और दस हजार रुपया अर्थदंड भुगतान करने का फैसला सुनाया ।अर्थदंड की राशि का भुगतान नहीं करने पर क्रमशः छह छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतने का फैसला सुनाया। साथ ही पाॅकसो की विशेष अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार को पीड़िता के राहत एवं पुनर्वास के लिए ₹400000 सहायता राशि प्रदान करने का निर्देश दिया है ।उपरोक्त आशय की जानकारी विशेष लोक अभियोजक पाॅकसो मुकेश नंदन वर्मा ने दी है ।उन्होंने बताया कि इस मामले में पीड़ित नाबालिक के चाचा ने जहानाबाद थाना कांड संख्या 504/2018 में पवन कुमार को नामजद कर प्राथमिकी दर्ज कराया था। दर्ज प्राथमिकी में सूचक ने आरोप लगाया था कि उसकी भतीजी 15 जून 2018 से घर से गायब है ।खोजबीन के क्रम में मेरे मित्र ने बताया कि तुम्हारी भतीजी को 16 जून को पटना जंक्शन पर पवन कुमार के साथ देखे थे। सूचना पाकर जब पवन के घर पर पता लगाने गया तो मालूम हुआ कि वह भी 15 जून से अपने घर से गायब है। तब मुझे पूरा विश्वास हो गया कि उसने मेरी नाबालिक भतीजी का शादी के नियत से अपहरण कर लिया है। अनुसंधान के क्रम में अनुसंधानकर्ता द्वारा पीड़ित नाबालिक लड़की एवं आरोपित को दादर नगर हवेली से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर जहानाबाद लाया गया था। इस मामले में अभियोजन की तरफ से नौ गवाह न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए थे।




