रिपोर्ट -अनमोल कुमार
गणेश विसर्जन के बाद हिंसक झड़प में शिंदे गुट के विधायक तलवणे भी घायल
मुबई पुलिस ने दोनों गुटों के खिलाफ शिकायत दर्ज की
उद्धव गुट के 5 कार्यकर्ता गिरफ्तार, जमानत पर रिहा
मुंबई : महाराष्ट्र में शिवसेना में चल रहा आपसी कलह रविवार तड़के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक खेल में बदल गया। जानकारी के मुताबिक उद्धव ठाकरे वाले शिवसेना और एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना के कार्यकर्ता मुंबई में आपस में जमकर भिड़ गए। मुंबई की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार दोनों गुटों की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। जिसमें विधायक सदा सर्वंकर सहित दोनों गुटों के 30 कार्यकर्ताओं को नामजद किया गया है। मुंबई पुलिस के अधिकारी के मुताबिक दादर पुलिस ने हिंसा के संबंध में शिवसेना के 5 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था, जिन्हें बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया। दोनों गुटों के बीच हिंसक भिडंत की यह घटना मुंबई के न्यू प्रभादेवी इलाके में हुई, जिसमें शिवसेना के पदाधिकारी संतोष तलवने पर महेश सावंत और 30 अन्य लोगों ने कथित तौर पर जानलेवा हमला किया। हमले में घायल होने वाले संतोष तलवणे एकनाथ शिंदे खेमे से ताल्लुक रखते हैं, जबकि महेश सावंत उद्धव ठाकरे गुट के हैं। उद्धव ठाकरे गुट के शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने इस मामले में शिंदे खेमे के विधायक सर्वंकर के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत कथित तौर पर हिंसा, मारपीट और सार्वजनिक स्थान पर गोलीबारी करने सहित कई अन्य आपराधिक मामलों में कार्रवाई करने की मांग की है। सावंत ने उद्धव ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद दादर पुलिस थाने में अधिकारियों से मुलाकात के बाद कहा कि अगर उद्धव गुट के गिरफ्तार लोगों को रिहा नहीं किया गया और विधायक सर्वंकर के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो शिवसेना इसके लिए सड़कों पर उतरेगी, उसके बाद जनता को पता चलेगा कि असली शिवसेना कौन सी है? शिवसेना सांसद सावंत ने कहा कि शिंदे गुट की गणेश विसर्जन के बाद उद्धव गुट के कार्यकर्ताओं से कहासुनी हुई, उसके बाद रविवार की आधी रात दोनों गुटों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक सर्वंकर ने उद्धव गुट के कार्यकर्ताओं को गाली दी और सार्वजनिक स्थान पर उन्हें धमकाने के लिए दो बार गोली भी चलाई। शिवसेना प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि पूरे फसाद के समय पुलिस वहां मौजूद थी और वो इसकी गवाह है। शिवसेना सांसद सावंत ने कहा कि पुलिस के सामने जब हमारे कार्यकर्ता दादर थाने में पहुंचे तो उनकी शिकायत को नहीं दर्ज किया गया। थाने में सावंत के साथ मौजूद राज्य विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने मौके पर मौजूद पत्रकारों से कहा कि मुंबई पुलिस की एकतरफा कार्रवाई को शिवेसना कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। दानवे ने कहा कि अगर दोनों पक्षों की गलती है, तो दोनों के खिलाफ समान कार्रवाई होनी चाहिए। हम शिकायत दर्ज करते हैं, तो उसे नहीं लिया जाता है और दूसरे गुट की शिकायत पर पुलिस फौरन एक्टिव होकर हमारे लोगों को गिरफ्तार कर लेती है। दूसरी ओर इस मामले में सफाई देते हुए सीएम एकनाथ शिंदे गुट के विधायक सर्वंकर ने कहा कि उन्होंने गोली नहीं चलाई है, उद्धव गुट उन्हें बदनाम करने के लिए ऐसा आरोप लगा रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए बुलाती है, तो वह जरूर जाएंगे और उनका सहयोग करेंगे। वहीं, शिवसेना शिंदे गुट के प्रवक्ता किरण पावस्कर ने कहा कि विधायक सर्वंकर पर लगाये गये सभी आरोप गलत हैं। उन्होंने कहा कि सर्वंकर वाई श्रेणी की सुरक्षा घेरे में रहते हैं, इसलिए यह असंभव है कि उन्होंने सार्वजनिक स्थान पर गोली चलाई होगी। इस तरह के आरोप बेबुनियाद और बचकाना हैं। मुंबई पुलिस के अधिकारी ने दोनों पक्षों की ओर से मामला दर्ज कराये जाने के बाद कहा कि दोनों गुटों की शिकायतों के आधार पर दादर पुलिस ने दो केस दर्ज किये हैं, जिनमें से एक सर्वंकर के खिलाफ भी है। दोनों ओर से प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस उपायुक्त प्रणय अशोक ने कहा कि जांच के बाद हमने दंगा और शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत एक और प्राथमिकी दर्ज की है। उन्होंने कहा कि पुलिस हाथापाई और हिंसा में शामिल लोगों का पता लगा रही है और उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी।




