मेरी हैसियत न पूछें नीतीश जी, जब मैं IAS था तब आप सड़क पर थे : आरसीपी!

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रिपोर्ट -अनमोल कुमार!

कभी साकार नहीं होगा विपक्षी एकता का सपना
उनका पथ तो भ्रष्‍ट हुआ ही, भाषा भी भ्रष्‍ट हो गई
जनता विफलताओं पर सवाल नहीं पूछे, इसलिए दिल्‍ली को निशाना बनाते हैं

पटना : जदयू से बाहर किए गए पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर बिफरे और कहा कि उनका पथ तो भ्रष्‍ट हुआ ही, उनकी भाषा भी भ्रष्‍ट हो गई है। मेरे बहाने उन्होंने पूरे IAS जमात को टारगेट किया है। विपक्षी एकता की बात पर उन्‍होंने तंज कसते हुए कहा कि उनका सपना कभी साकार नहीं होगा। उन्होंने प्रशांत किशोर मामले पर भी कहा कि सभी जानते हैं किसके चलते रिश्‍ते खराब हुए थे। आरसीपी सिंह आरा की यात्रा के दौरान मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
सभी नागरिकों की हैसियत बराबर
आरसीपी ने कहा कि नीतीश जी मेरी हैसियत पूछते हैं तो सुन लीजिए, इस देश के सभी नागरिकों की हैसियत बराबर है। आप क्‍या मेरी हैसियत पूछेंगे। पूछ सकते हैं कि काबिलियत क्‍या है तो, बता दें कि IAS आपकी पैरवी से नहीं बने थे, अपनी मेधा और काब‍िलियत से बने थे। जब हम IAS थे तब आप सड़क पर घूम रहे थे, इसलिए मेरी हैसियत तो नहीं पूछ‍िए।
मुझे निशाना बनाने में पूरे IAS को टारगेट कर दिया
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार की पहचान संंयमित और मर्यादित भाषा बोलने वाले की रही है। लेकिन देख लीजिए आज उनकी भाषा। मुझे टारगेट करने के लिए पूरे के पूरे IAS जमात को टारगेट कर दिए। वे बगल में मूर्ति रखते हैं सरदार पटेल की, जिन्‍होंने आल इंडिया सर्विस (IAS) की स्‍थापना की थी। जिस सरदार पटेल ने ‘हमारे’ माध्यम से इतनी बड़ी सेवा स्‍थापित की, उसी को टारगेट कर लिए। पटेल को कभी कुर्सी से लगाव था क्‍या? देश आजाद हुआ तो मौका मिला था पीएम बनने का। लेकिन उन्‍होंने कुर्सी छोड़ दी। इतने रियासतों को एक किया। पटेल को वे जाति से बांधते हैं लेकिन पटेल किसी जाति के नहीं, इस राष्‍ट्र के थे। राष्‍ट्र कैसे मजबूत और एकजुट हो, इसपर काम करने वाले इंसान थे।
किसकी पैरवी से मिलने गए थे विपक्षी नेताओं से, सभी जानते हैं
अगले लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी को सत्ता से बाहर करने की बात पर आरसीपी ने कहा कि आज नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में देश विश्‍व की पांचवीं बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था वाला राष्‍ट्र बन गया है। यह जरूर है कि इंग्‍लैंड की प्रति व्‍यक्ति आय और हमारे देश की प्रति व्‍यक्ति आय में काफी अंतर है। लेकिन बिहार की प्रति व्‍यक्ति आय कितनी है। 17 वर्षों से सीएम रहे, लेकिन जनता शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य, सुखाड़, सड़क के बारे में पूछे नहीं, इसलिए दिल्‍ली की चर्चा शुरू कर दी है। आज किस जाति के लोग उनके साथ हैं। किस जाति के लोगों को उन्‍होंने ठगा नहीं है। किसको आज तक सम्‍मानित किए। जनता नहीं पूछे इसलिए कभी शरद पवार तो कभी शरद यादव से मिलने जा रहे हैं। इससे लाेगों में काफी गुस्‍सा है। इनपर कोई भरोसा नहीं करेगा। ममता बनर्जी से इनका झगड़ा रेलवे मंत्रालय से है। वैसे भी किसकी पैरवी पर विपक्षी दलों के नेताओं से मिलने गए थे, यह सभी जानते हैं। उन्‍होंने कहा कि‍ देखिएगा वे अभी पूरे बिहार में घूमेंगे। अभी भी जहां जाते हैं, जनता कहती है कि उन्‍हें ठगा गया है।

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