उपमुख्यमंत्री तेजस्वी के राघोपुर का हाल बेहाल, जान जोखिम में डालकर पढ़ने जाते हैँ नौनिहाल!

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ऋषभ कुमार की रिपोर्ट :-

राघोपुर।
वोट और सत्ता के लिये अंतिम पायदान के लोगो तक विकास पहुचाने का दावा लाख किया जाता हो।लेकिन हकीकत जमीन पर कुछ और है।ऐसा ही नजारा उपमुख्यमंत्री तेजस्वी के क्षेत्र राघोपुर में देखने को मिली है।25 वर्षों से मुख्यमंत्री एव उपमुख्यमंत्री के क्षेत्र होने के बाबजूद राघोपुर में विकास की पहली सीढ़ी शिक्षा की तस्वीर नही बदली है।बेहतर शिक्षा के लिये जान जोखिम में डाल नन्हे बच्चे पटना पढ़ने जा रहे है।अगर हम बात करे तो सरकारी स्कूल को छोड़ राघोपुर में न तो एक अच्छी इंग्लिश मीडियम स्कूल है और न ही बड़ो के लिये डिग्री कालेज।
शिक्षा के लिये जान जोखिम में ।
गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है।राघोपुर प्रखण्ड क्षेत्र के मल्लिकपुर रुस्तमपुर एव अन्य पंचायतो के करीब 80 नन्हे बच्चे प्रतिदिन बेहतर शिक्षा के लिये गंगा नदी पार कर पटना जिला स्थित एस एल एकेडमी में पढ़ने जाते है।नदी पार करने के बाद बच्चे एक नाव से दूसरे नाव पर चढ़ कर किनारे आते है।ऐसे में तेज हवा या खराब मौसम में बच्चों की सुरक्षा के लिये नाव पर न तो लाइफ जैकेट या अन्य कोई सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नही है। इस संबंध में स्कूल के शिक्षक रमेश कुमार ने बताया कि पीपापुल खुलने के बाद तीन महीने नाव से ही बच्चों को पढ़ाई के लिये ले जाया जाता है।

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