तो अब किसानों के भी डीजल पी गए कृषि विभाग के एसएमएस, और किसान सलाहकार!

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बांका से दादा ठाकुर शंखनाद के लिए!:-

(हम तो बोलेंगे हुजूर)

इस बार बारिश की मात्रा काफी कम रही तो सरकार ने गरीब किसानों के लिए अपने धान के बीज को बचाने के लिए डीजल अनुदान दे रही है। और आला अधिकारी ने निचले तबके अधिकारियों को आदेश दिया है !कि वह गांव गांव जाकर कृषि का मुआयना करें। लेकिन धरातल की कहानी इससे इतर है। दरअसल रजौन प्रखंड के कई किसानों का दावा है। कि अधिकारी बिना धरातल पर ही आए जिन्होंने खेती किया है उनका भी डीजल अनुदान कैंसिल कर दिया गया। ऐसे में मोहना गांव के कई किसान बताते हैं कि धरातल पर एक भी अधिकारी जांच के लिए ओड हारा पंचायत नहीं पहुंचे। और बिचौलिए के मदद से कार्यालय में बैठकर किसानों के भाग्य विधाता बन गए। ऐसे में अब किसान की एक मंडली उच्चाधिकारियों को आवेदन देकर अवगत करा रहे हैं। दरअसल इस गांव के किसान रामानंद ठाकुर, अश्वनी मिश्रा, मदन शर्मा, कैलाश दास, विकास मिश्रा, अनुज ठाकुर, गोकुल शर्मा, बिगो रजक, इन सभी किसानों का दावा है ।कि धरातल पर आकर जांच होना चाहिए उसके बाद ही सरकारी योजना का लाभ देना चाहिए। जिससे हम गरीब तबके किसान कम से कम सरकारी योजनाओं से वंचित ना रहे। इधर कृषि विभाग के अधिकारी कुछ भी कहने से गुरेज कर रहे हैं। तो कहना अब लाजमी होगा हुजूर की किसान क्या सिर्फ सियासत के लिए?

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