मोतीहारी के हरसिद्धि में हस्तशिल्प तकनीकी प्रशिक्षण का जिलाधिकारी ने किया उद्घाटन!

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अरविंद कुमार की रिपोर्ट :

मोतिहारी डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने हरसिद्धि में शिल्पकार प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन करने पहुचे ।जहां शिल्पकार की हुनर देख डीएम भी अभिभूत होकर संचालित चक्की पर मिट्टी का वर्तन बनाने लगे ।डीएम को मिट्टी का वर्तन बनाते देख लोग आश्चर्यचकित हो गए।जिलाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक ने कहा कि कोई काम छोटा या बड़ा नही होता। लग्न के साथ किये सभी कार्य मे सफलता निश्चित मिलती है।मिट्टी की वर्तन बनाकर बेचने से जहा आमदनी दुगुनी होगी वही हुनर से चंपारण का नाम भी रौशन होगा। कार्यक्रम हरसिद्धि प्रखंड क्षेत्र के चड़रहिया पंचायत के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय पाठक टोला के प्रांगण में हस्तशिल्प तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम सेरमिक मोल्डर टेराकोटा हस्तशिल्प का उद्घाटन जिलाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक ने दीप प्रज्वलित कर किया गया।

डीएम ने दिया भरोसा –

जिलाधिकारी ने हस्तशिल्प कारीगरों को आमदनी दुगुनी करने एवं उच्च स्तरीय बाजार में अपने सामान को बेचने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आप सभी अपने हुनर के माध्यम से देश के भूपटल पर भी अपना नाम कमा सकते हैं। बस आपसे आग्रह है कि आप लोग हस्तशिल्प को अपना व्यवसाय बना कर काम करें और अपनी आमदनी को भी दोगुनी करें। चंपारण का नाम भारतवर्ष के कोने कोने में ले जाने का प्रयास आपका हस्तशिल्प का सामान ही काफी है। आपके द्वारा निर्मित मिट्टी के बर्तन अनेक खाद्य सामग्री को रखने के लिए भी बनाए जा सकते हैं। सबसे बेहतर कार्य होगा कि मिट्टी का कप जो रेलवे में आजकल चल रहे है, उन्हें बनाये। हम इस कप को रेलवे तक पहुंचाने का काम करेंगे।

हर प्रकार की मदद का भरोसा –

बड़े-बड़े शहरों में अमीर घराने के लोग आजकल प्लास्टिक को छोड़कर मिट्टी के बर्तन का उपयोग कर सेहत को अच्छे रखने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने मधुबनी पेंटिंग की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां भी उस प्रकार की अगर शिल्पकार मिलते हैं जो कि मधुबनी से लेकर अपने हस्तशिल्प को आगे बढ़ा कर काम करेंगे, तो उनका भी नाम होगा और चंपारण का भी नाम आगे आएगा। उन्होंने यहां के शिल्पकार की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए शिल्पकारों के बीच 50 शिल्पकार को पहचान पत्र निर्गत किए और उसका वितरण किये। उन्होंने इस पहचान पत्र के संबंध में बताते हुए कहा कि इस पहचान पत्र के माध्यम से शिल्पकार कम ब्याज पर लोन लेकर काम कर सकते हैं। अपनी पहचान भी बना सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस कार्ड के माध्यम से उनके द्वारा बनाया गया सामान दूसरे राज्यों में भी ले जाकर बेचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि यहां मिट्टी के बर्तन को पकाने के लिए इलेक्ट्रिक भट्टी का होना जरूरी है । इसलिए मैं उसको भी पूरा करुंगा।

49 दिन की होगी ट्रेनिंग-

इस गांव में हस्तशिल्प का प्रशिक्षण 49 दिन का होगा जो हस्तशिल्प के इस प्रशिक्षण में भाग लेंगे उनको समुचित राशि मुहैया कराई जाएगी।शिल्पकारों को बिजली युक्त चक्की दी जाएगी।उन्होंने यह भी कहा कि मोतिहारी कारा में वे महिलाओं को भी ट्रेनिंग दिलवा रहे हैं, जिससे उसे अपना जीवन बदलने का मौका मिल सके। कार्यक्रम को ओ,एस डी नीतीश कुमार ,हस्तशिल्प कार डायरेक्टर राकेश रंजन ,डीडीसी कमलेश सिंह, डी पी ओ अमित कुमार पांडे, डीएफएम अतुल भारती, उद्योग महाप्रबंधक एम द्विवेदी,एसडीओ संजीव कुमार,पीओ अजय कुमार सहाय, मुखिया अभय तिवारी ,प्रमुख पति कृष्ण मोहन कुमार उर्फ पप्पू पासवान ने किया, मौके पर सहायक निर्देशक मुकेश कुमार वीडियो सुनील कुमार, अंचलाधिकारी सतीश कुमार, मनरेगा पीएससी भूषण कुमार, सरपंच रामबाबू यादव, विद्यालय भूमि दाता उमाशंकर पाठक, जितेंद्र कुमार यादव, आदि सैकड़ों लोग उपस्थित थे।

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