पंकज कुमार ठाकुर

बांका। जिले में मनरेगा मजदूरी के नाम पर फर्जीवाड़े का खेल कोई नई बात नहीं है। अक्सर इस तरह के मामले प्रकाश में आते रहते हैं। अपने हक पाने के लिए मनरेगा में मजदूरी करने वाले लोगों को आंदोलन करना पड़ता है। कमोवेश यही स्थिति बाराहाट प्रखंड में देखने को मिला। जहां प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण को लेकर मनरेगा के तहत काम कर रहे दर्जनों मजदूरों ने मनरेगा कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। जिससे मनरेगा कार्यालय में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि इस दौरान वहां पर कार्यक्रम पदाधिकारी मौजूद नहीं थे। जिस पर सभी महिलाओं ने बीडीओ को अपनी समस्या सुनाई।
दूसरे के खाते में मजदूरी की राशि भेजने को लेकर महिलाओं ने किया हंगामा!
दरसअल, दक्षिणी पंचायत के दुबड़ीडीह धर्मडीहा सहित अन्य गांव की महिलाएं अपने अन्य ग्रामीणों के साथ मनरेगा कार्यालय पहुंचे और वहां मौजूद डाटा एंट्री ऑपरेटर से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली मजदूरी भुगतान के बारे में पूछताछ की। कार्यालय में मौजूद कर्मियों ने मजदूरी भुगतान कर देने की बात कही। भुगतान होने की बात जैसे ही महिलाओं तक पहुंची की हंगामा शुरू हो गया। मनरेगा में मजदूरी करने वाली लखिया देवी के मुताबिक उनके मजदूरी की राशि जमीला खातून खडिहारा गांव के नाम भेज दी गई है। उसी प्रकार मंजू देवी ने बताया कि उनके मजदूरी की राशि अमरपुर के एक लाभुक के खाते पर भेजी गई है। स्थानीय लोगों की माने तो सारा कारनामा मनरेगा कार्यालय में बिना किसी आदेश के डाटा एंट्री ऑपरेटर का है।
मामले की कराई जाएगी जांच
डीडीसी रवि प्रकाश ने बताया कि यह मामला गंभीर। मनरेगा में काम करने वाले मजदुरों की राशि किसी अन्य के खाते में चला जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी। इस संबंध में विशेष जानकारी बाराहाट प्रखंड के कार्यक्रम पदाधिकारी जावेद कमालसे ली जा रही है। सत्यता की जांच के बाद जो भी दोषी होंगे उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।