पंकज कुमार जहानाबाद।
जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय की अध्यक्षता में उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में नीलाम पत्र वादों की समीक्षा की गई।
जिला पदाधिकारी ने जिला,अनुमंडल एवं अंचल स्तर पर कार्यरत नीलाम पत्र पदाधिकारियों से प्राप्त प्रतिवेदन का अवलोकन करते हुए त्वरित रूप से कार्रवाई सुनिश्चित कर लंबित वादों को अपने-अपने न्यायालयों से समाप्त करने का निदेश दिया। इस क्रम में जिला पदाधिकारी द्वारा अपर समाहर्ता को निदेश दिया गया कि नीलाम वादों का वर्गीकरण सरकारी विभागों के बकाया राशि तथा बैंक द्वारा दिये गये कर्ज के आधार पर कराते हुए सरकारी विभागों की वसूली पर विशेष ध्यान देकर प्राथमिकता में रखना सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि जिन वरीय उप समाहर्ताओं अथवा सक्षम पदाधिकारियों में नीलाम पदाधिकारी की शक्ति प्रदत्त नहीं की गई है उनके लिए प्रस्ताव भेजना सुनिश्चित करेंगे।
इसके साथ ही सभी नीलाम पदाधिकारियों को निदेश दिया कि बैंकों से समन्वय स्थापित कर ऋण वापस कर चुके, ओ.टी.एस अथवा एन.पी.ए घोषित किए जाने वाले मामलों को नीलाम पत्र वादों से मिलान कर विलोपित कराना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही नीलाम पत्र वादों से संबंधित रजिस्टर नौ एवं दस का मिलान समय-समय पर करेंगे तथा लंबित वादों का गहन अनुश्रवण करते हुए Bihar and Orissa Public Demands Recovery Act, 1914 के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित। इसके साथ ही यह भी निदेश दिया कि नीलाम वाद के अधियाची विभागों से समन्वय स्थापित कर नीलाम पदाधिकारी बकायेदार का पता सत्यापित करा लेंगे ताकि तामिला अथवा अन्य कार्रवाई सही पते पर प्रेषित कर नीलाम वादों का ससमय निष्पादन किया जा सके।
अपर समाहर्ता को निदेश दिया गया कि नल जल योजना में दायर होने वाले नीलाम वादों के लिए नीलाम पदाधिकारी नामित करने हेतु प्रस्ताव उपस्थापित करायेंगे। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि प्रत्येक नीलाम पदाधिकारी को कम से कम एक अधियाची सरकारी विभाग आवंटित करना सुनिश्चित करेंगे।




