रिपोर्ट -अनमोल कुमार:-
राष्ट्रपति मुर्मू के लिए न तो मैडम, न ही श्रीमती शब्द का इस्तेमाल किया
नई दिल्ली : लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिख आरोप लगाया गया है कि जिस तरह से सदन में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का नाम लिया है, वह उनके पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है। लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में अधीर ने कहा कि ईरानी ने अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू का नाम चिल्ला रही थीं। उन्होंने इस दौरान न तो मैडम और न ही श्रीमती शब्द का इस्तेमाल किया।
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने लिखा-मैं यह भी बताना चाहूंगा कि स्मृति ईरानी जिस तरह से सदन में माननीय राष्ट्रपति महोदया का नाम ले रही थीं, वह उचित नहीं था। माननीय राष्ट्रपति के पद के अनुरूप नहीं था। बिना माननीय राष्ट्रपति या मैडम या श्रीमती शब्द का इस्तेमाल किए बगैर वह बार-बार ‘द्रौपदी मुर्मू’ चिल्ला रही थीं।
उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट रूप से माननीय राष्ट्रपति के पद का अपमान करने के समान है। इसलिए मैं मांग करता हूं कि स्मृति ईरानी जिस तरह से माननीय राष्ट्रपति को संबोधित कर रही थीं उसे सदन की कार्यवाही से बाहर किया जाए।
उन्होंने ओम बिड़ला से यह भी अपील की कि चूंकि सोनिया गांधी का इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है, इसलिए उनके नाम का जिक्र करने वाले पूरे प्रकरण को भी सदन की कार्यवाही से बाहर किया जा सकता है।
‘राष्ट्रपत्नी’ टिप्पणी पर बड़ा बवाल
गौरतलब है कि अधीर रंजन चौधरी की राष्ट्रपति पर ‘राष्ट्रपत्नी’ टिप्पणी को लेकर गुरुवार से एक बड़ा सियासी तूफान खड़ा हो गया। केंद्रीय मंत्री ईरानी ने कहा था कि कांग्रेस को संसद में और भारत की सड़कों पर भारत के प्रत्येक नागरिक से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा था-सोनिया गांधी, आपने द्रौपदी मुर्मू के अपमान को मंजूरी दी। सोनिया जी ने सर्वोच्च संवैधानिक पद पर एक महिला के अपमान को मंजूरी दी। आप अपने पुरुष कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति के कार्यालय को नीचा दिखाने की कोशिश की। सोनिया गांधी, देश के आदिवासी, गरीब और महिलाओं से माफी मांगें।




