काँटी NTPC द्वारा CSR फंड के मनमाने ढंग से उपयोग, नाराज विधायक और प्रमुख ने दी चेतावनी!

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संतोष तिवारी की रिपोर्ट :-

बिहार के मुजफ्फरपुर में कांटी एनटीपीसी द्वारा CSR फंड का उपयोग मनमाने ढंग से करने के विरुद्ध कांटी विधायक और ब्लॉक प्रमुख ने आंदोलन की चेतावनी दी है। दरअसल KBUNL एनटीपीसी कांटी द्वारा CSR फंड से शिक्षा के क्षेत्र में 14 सरकारी विधालयों में बेंच और डेस्क की व्यवस्था की जाएगी। अखबार में छपी इस खबर के बाद इसपर कांटी विधायक और प्रखंड प्रमुख कृपा शंकर शाही ने आपत्ति जताया है। कांटी प्रमुख ने सोशल मीडिया पर लिखा है, माल महाराज के, और मिर्जा खेले होली। इसके बाद उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा की अवैध तरीके से जनसरोकार के निहित्त मद का बंदरबांट NTPC कर रहा है। CSR फंड के व्यय के लिए गठित कमेटी में ब्लॉक प्रमुख पदेन सदस्य होता है। कमेटी की बैठक किए बिना ही CSR फंड को उपयोग में लाना एनटीपीसी के अधिकारियों का हिटलरशाही को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि 14 विधालयो मे कांटी का मात्र छः विधालय को ही चयनित किया गया है, जिसमे कांटी नगर के 4 और ग्रामीण क्षेत्र के 2 विधालय शामिल है, बाकी 8 विधालय दूसरे प्रखंडों में है। उन्होंने बताया एनटीपीसी प्रबंधन से लगातार वर्णित विषयों के आलोक में बैठक करने की मांग करते रहे है, परंतु स्थानीय प्रबंधन द्वारा मानकों को ताक पर रखकर मनमाने ढंग से CSR फंड का व्यय का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी का दुष्प्रभाव स्थानीय कांटी वासियों को झेलना पड़ता है, यहां की जहरीली हवा, छाई का धूलकण, बिजली कटौती, वृक्षों का सुखना, खेती का पैदावार में कमी ये सब समस्या स्थानीय लोगो को उठाना पड़ता है। और जब फायदे कि बात होती है तो इसका लाभ बाहर के क्षेत्रों में दिया जाता है। एनटीपीसी द्वारा कांटी वासियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, स्थानीय मजदूरों का छटनी किया जाता है, युवाओ को टेक्निकल एजुकेशन के बाद भी एनटीपीसी में रोजगार नहीं दिया जाता है। प्रमुख ने बताया कि एनटीपीसी प्रबंधन द्वारा बताया गया था कि CSR फंड से 50 लाख रुपए विकास कार्यो में खर्च की जाएगी, उन्होंने सवाल उठाया कि क्या 50 लाख रुपए का लेखा जोखा पांच सौ बेंच डेस्क में समाप्त हो गया है, उन्होंने मांग किया कि तत्काल CSR फंड के व्यय पर NTPC प्रबंधन रोक लगाए और तत्काल बैठक बुलाकर यह तय करें की CSR फंड का उपयोग कहा जरूरी है, यदि विधालयों में बेंच डेस्क की कमी है, तो इसकी सूची बनाई जाए। उन्होंने साफ रूप से कहा कि CSR फंड का व्यय कांटी में ही होना चाहिए। इधर कांटी विधायक ने कहा कि CSR फंड का लाभ कांटी वासियों के हित मे यदि कम हुआ है, तो इसको लेकर एनटीपीसी का घेराव आंदोलन और यदि जरूरत परा तो अनशन भी करेंगे। हालांकि उन्होंने बताया कि CSR फंड से लोगो को लाभ मिल सके इसको लेकर लगातार एनटीपीसी प्रबंधन से वार्ता कर इसे जमीन पर उतारने को लेकर प्रयासरत है।

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