Arvind Kumar :-
पूर्वी चंपारण जिले से शोसल मीडिया पर एक वीडियो जमकर तैर रहा है जिसमे मनरेगा के तहत हो रहे कार्य में बाल मजदूरों से मजदूरी कराया जा रहा है ।
जरा आप भी देखिये इस तस्वीर को …..
ये तस्वीर पुर्वी चम्पारण जिले के ढाका अनुमंडल छेत्र के बड़हरवा सीवन गांव की बताई गई है जहाँ मनरेगा के तहत हो रहे कार्यो में 8 वर्ष से लेकर 14 वर्ष के बच्चों तक को लगाया गया है ।
आप खुद देखिये किस तरह से जिस नन्हे नन्हे बच्चो के ऊपर पढाई की बोझ होनी चाहिये उनके सर पर ईंट बालू से लदी टोकड़ी है । और ये बच्चे अपने और अपने परिवार के लिये अपने शरीर के वजन से ज्यादा वजन के सामान उठा कर पोखर के किनारे को भर रहे हैं ।
एक तरफ सरकार बाल मजदूरी को रोकने के लिये सख्त से सख्त कानून लागू कर रही है तो दूसरी ओर उनके ही जन प्रतिनिधि उनके कानून को ठेंगा दिखा रहे है । हलाकि मनरेगा के कार्यों को कराने में मनरेगा पीओ की भी भूमिका होती है और ऐसे परिस्थिति में उनकी क्या भूमिका है ये तो जाँच के बाद ही पता चल पाएगा ।
साथ ही आपको बतादें की ये योजना बड़हरवा सीवन की बताई गई है जहाँ के मुखिया हैं संतोष कुमार साह । और उन्ही के पंचयात के वार्ड नंबर 10 में पुराणी पोखरे के जीर्णोद्धार के लिया 9 .12 लाख के लागत से कार्य कराया जा रहा था ।
जिसके बाद ये वीडियो सामने आया है ।
वही इस मामले की जानकारी जैसे ही ढाका अनुमंडल पदाधिकारी को लगी की वे विडियो देख चकित हो गए और उन्होंने कहा कि ये तो घोर पत्तिजनक और निंदनीय है । साथ ही इस मामले पर उन्होंने संज्ञान लेते हुए कहा की इस मामले की जाँच कराकर त्वरित कार्यवाई की जाएगी ।
अब देखने वाली बात होगी की आखिर किस तरह की कार्यवाई की जा रही है ।
बाईट— इफ्तेखार अहमद– अनुमंडल पदाधिकारी




