“योग फोर ह्यूमैनिटी” थीम पर शहर में हुए कई जगह योगाभ्यास कार्यक्रम का हुआ आयोजन!

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REPORT- DHIRAJ SHARMA

भागलपुर। योग का सरल अर्थ है शरीर और व्यक्तित्व को अनुशासित करना, उसे एक उद्देश्य के लिए तैयार करना।भारत में योग का इतिहास बड़ा पुराना है। इस साल 2022 में मनाई जाने वाली योग दिवस यानी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आठवें संस्करण की थीम योग फॉर ह्यूमैनिटी है। “मानवता के लिए योग” इस थीम पर ही दुनिया भर में इस बार योग दिवस मनाया जा रहा है। इसी बाबत भागलपुर व भागलपुर के आसपास के क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सैंडिस कंपाउंड में सनातन योग पद्धति द्वारा वशिष्ठ योग फाउंडेशन के तत्वावधान में सैकड़ों लोगों ने योगाभ्यास किया। श्री शिवशक्ति योगपीठ नवगछिया द्वारा लाजपत पार्क में योगाभ्यास का आयोजन किया गया, वही श्री रावतमल नोपानी छात्रावास, भागलपुर वेलफेयर सोसाइटी, टेक्नोपॉइंट व लेट्स इंस्पायर बिहार के संयुक्त तत्वावधान में पूलीस लाईन मे शहर के समाजसेवी,व्यवसायई,शिक्षाविद और संकल्प 40 के छात्र – छात्राओं ने नोपानी छात्रावास में योग कार्यक्रम के आयोजन मे हिस्सा लिया। साथ ही साथ सभी योग प्रशिक्षण केंद्रों व व्यायामशाला में भी आज के दिन विशेष योगाभ्यास कार्यक्रम रखा गया। कई विद्यालयों व संस्थानों में भी योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। योगाभ्यास कार्यक्रम में प्राणायाम, सूर्यनमस्कार, अनुलोम-विलोम आदि कई योग को लोगों ने किया।

योगगुरु ने बताया कि अपने शरीर व मन को स्वस्थ रखने के लिए 24 घंटे में एक घंटा अवश्य देना चाहिए।365 दिन में से 21 जून सबसे लंबा दिन होता है। इसकी वजह से यह दिन उत्तरी गोलार्ध पर सूरज की सबसे ज्यादा रोशनी पड़ती है। इस दिन सूरज जल्दी निकलता है और देर से ढलता है ।साथ ही इस दिन सूरत से मिलने वाली ऊर्जा सबसे ज्यादा प्रभावित होती है जो प्रकृति की सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती है। इसलिए हमें आज के दिन योगाभ्यास करना चाहिए। साथ ही साथ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस बार अंतरराष्ट्रीय योगा दिवस को एक विशेष थीम दिए हैं, वह है “मानवता के लिए योग” इस पर भी हमलोगों को विचार करना चाहिए। योग हमें सिर्फ शरीर से ही नहीं मन से भी स्वस्थ करता है और हम स्वस्थ रहेंगे तो हमारा राष्ट्र स्वस्थ रहेगा।

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