विस्फोट के बाद दिखने लगा तबाही का मंजर!

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धीरज शर्मा की रिपोर्ट

भागलपुर में दर्दनाक विस्फोट के बाद दिखने लगा तबाही का मंजर, पहले अपनों को खोया और अब पीड़ित एक – एक दाने के लिए हैं मोहताज!

भागलपुर के काजवलीचक में हुए भीषण विस्फोट के बाद तबाही का खुला मंजर अब दिखने लगा है| इस दर्दनाक विस्फोट में पहले तो कई लोगों ने अपनों को खोया और अब एक – एक दाने के लिए मोहताज है| प्रशासन ने जांच के नाम पर पीड़ित परिवारों के घर को सिल कर दिया है | ऐसे में रात पड़ोसियों के घर में गुजरी भोजन भी वहीं मिला| लेकिन सुबह होते ही पापी पेट फिर भोजन के लिए परेशान करने लगा| जब जिला प्रशासन ने भोजन देने में हाथ खड़े कर दिए तो कुछ पड़ोसियों ने ही खाना खिलाया| दोपहर का खाना स्थानीय जनप्रतिनिधि से मिला लेकिन आखिर यह सब कुछ कब तक चलता रहेगा| यही सवाल पीड़ित जिला प्रशासन से पूछ रहे हैं| घटना के बाद से करीब 24 घंटे तक चले रेस्क्यू के दौरान जब एक के बाद एक मलबे के नीचे से शव को निकाला जा रहा था तो हर किसी के आंखें नम थी| रुंधे गले से मृतक के परिजन घटना की जानकारी दे रहे थे| रेस्क्यू टीम से मलबे में दबे अपने परिजनों को निकालने के लिए कई लोग मिन्नतें कर रहे थे| इसी बीच निर्मल कुमार साह उर्फ लड्डू साह ने बताया कि इस विस्फोट में उनके भाई राजू साह की मौत हो गई है| जबकि राजू साह का पुत्र राहुल घायल हो गया था लेकिन बाद में इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई| देर रात जब भाई और भतीजा का अंतिम संस्कार कर वापस घर आया तो उनका घर सिल था| पता करने पर जिला प्रशासन द्वारा घट सिल करने की बात कही गई| रात में तो पड़ोसी के घर में सोए और वहीं खाना खाया| लेकिन सुबह से अभी तक भूखे हैं| खाना की व्यवस्था करने के लिए थानेदार से लेकर एसडीएम और डीएम तक से गुहार लगाया लेकिन किसी ने भोजन की व्यवस्था नहीं की| निर्मल कुमार साह उर्फ लड्डू साह ने कहा कि डीएम ने एसडीएम से भोजन की व्यवस्था करने के लिए कहा था लेकिन उन्होंने भी अभी तक भोजन की व्यवस्था नहीं की है| हालांकि स्थानीय वार्ड -19 की पार्षद प्रीति शेखर ने कुछ मात्रा में खाना की व्यवस्था की है लेकिन वह भी इतने बड़े परिवार के बीच उंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है| इस संबंध में डॉ प्रीति शेखर ने बताया कि जिनका घर सिल किया गया है उनके लिए भोजन की व्यवस्था और कहीं रहने के लिए अस्थाई रूप से आश्रय का इंतजाम करने की गुहार लगाई है| लेकिन जिला प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया| प्रीति शेखर ने कहा कि जिला प्रशासन मानवीय संवेदनाओं को भूल चुके है, और सिर्फ अपनी नाकामी को छिपाने के लिए कागजी खानापूर्ति करने में लगे हुए हैं| वहीं दूसरी ओर घटना के बाद से देर रात तक बिजली नहीं रहने से लोग काफी बेचैन थे| लोगों को पहले तो लगा कि रेस्क्यू कुछ ही घंटा चलेगा इसके बाद बिजली व्यवस्था बहाल हो जाएगी| लेकिन रेस्क्यू देर शाम तक चला और इसके बाद देर रात में बिजली आई| इस दरमियान पानी खत्म होने से रसोई में खाना नहीं पका, लोगों को स्नान करने और अन्य कई काम पानी के बिना रुका रहा|

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