ब्यूरो रिपोर्ट शंखनाद
काठीकुंड के बारह पंचायतों में मनरेगा मजदूरों को चार माह से नहीं दी जा रही मजदूरी,कार्य ठप्प
काठीकुंड(दुमका)
काठीकुंड के 12 पंचायतों में मनरेगा मजदूरों को विगत चार महीने से मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है, जिस कारण विकास कार्य ठप्प है। जानकारी के अनुसार मजदूरों को हर हाल में सौ दिनों का रोजगार उपलब्ध कराने वाला महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम इन दिनों मजदूरी उपलब्ध नहीं करा पा रहा हैं। अधिनियम में जोड़ा गया शब्द अब निरर्थक साबित हो रहा है। मज़दूरी भूगतान नहीं होने से प्रखंड के लगभग एक हजार मजदूरों के लाखों रूपए बकाया है। जानकारी के अनुसार प्रखंड के बडाचापुडिया, पिपरा, तेलियाचक बाजार, आसनपहाडी, बिछियापहाडी, पंदानपहाडी, कालाझर, कादमा, आस्ताजोडा, झिकरा, धावाडंगाल, बड़तल्ला, पंचायत में क़रीब 8000 हज़ार जाॅब कार्डधारक मजदूर है। जिसमें हर पंचायत में कुंआ, तालाब, टीसीबी, नाली निर्माण योजना में मजदूरों ने कार्य किया है, बावजूद अभी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है। भुगतान नहीं होने का कारण वर्ष 2021-22 के मनरेगा बजट की राशि खत्म होने की हो रही बात कही जा रही है| सितंबर 2021 के अंतिम सप्ताह से मजदूरी भुगतान नहीं किया जा रहा है। इससे मजदूरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मज़दूरी भुगतान नहीं होने के पीछे की वजह राशि की कमी बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए मनरेगा में झारखंड के लिए जितना बजट था वह खत्म हो गया है, कुछ राशि बची है जिससे अनुसूचित जातियों के मजदूरों को भुगतान किया जा रहा है।




