रामजी साह की रिपोर्ट
रामगढ़(दुमका)
स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर जी का देहांत एक युग की समाप्ती है।जिनके गले में माँ सरस्वती का वास था| माँ के विसर्जन के दिन ही इस धरा को छोड़ कर उन्होने सिद्ध कर दिया है कि वो सच मे माँ सरस्वती की संतान थी।इनका जन्म 28 सितम्बर 1929 को इंदोर के मराठी परिवार में हुआ था।इनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर थे। लता जी के बचपन का नाम हेमा था| इनकी माता ने इनका नाम लता रखा था।आज छोटी रण बहियार शिव मंदिर युवा समिति ने सरस्वती विसर्जन के पूर्व लता दी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन धारण किया। शोक सभा में मुकेश जयसवाल,संदीप कुमार अंशु कुमार,राजीव कुमार जयसवाल ,शुभम कुमार ,मनीष मंडल राजेश कुमार आदी शामिल हूए|




