:- ब्यूरो रिपोर्ट शंखनाद
अंचलाधिकारी के लिखित आवेदन पर कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी धीरज सिंह को भेजा गया जेल
ग्रामीणों ने प्रशासन पर कसा तंज कहा चोरी की लकड़ी बेचने वाला अपराधी और खरीदने वाला साहूकार
शिकारीपाड़ा (दुमका)
अंचल क्षेत्र के सराय दहा उच्च विद्यालय छात्रावास के प्रांगण से बुधवार को गुरुकुल के प्रशिक्षक द्वारा बहुमूल्य लकड़ियों को काटकर बेचने के मामले में अंचलाधिकारी राजू कमल के लिखित आवेदन पर पुलिस ने प्रशिक्षक धीरज सिंह को गिरफ्तार कर गुरुवार को जेल भेज दिया है| हालांकि इसी मामले में चोरी की लकड़ी खरीदने वाले व्यापारी जिसे ग्रामीणों ने पकड़ कर पुलिस के हवाले किया था उसे छोड़ दिया गया| उसके विरुद्ध अंचल अधिकारी द्वारा मामला भी दर्ज नहीं कराया गया| केवल एक नामजद एवं एक अज्ञात के विरुद्ध ही मामला दर्ज कराया गया है|ज्ञात हो कि बुधवार की सुबह ग्रामीणों ने शीशम एवं गमार का पेड़ काटकर बेचने वाले गुरुकुल के प्रशिक्षक धीरज सिंह एवं लकड़ी खरीदने वाले व्यापारी को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया था| पुलिस लकड़ी व्यापारी के बताए ठिकाने से शीशाम एव गमार की लकड़ियां जब्त कर बुधवार को ही थाना ले लाई थी| अंचल अधिकारी राजू कमल ने अपने पत्र में लिखा है कि राजस्व उपनिरीक्षक एवं राजस्व निरीक्षक तथा ग्राम प्रधान से इसकी जांच कराई गई, जिसमें उक्त तीनों लोगों द्वारा प्रतिवेदन दिया गया कि प्रशिक्षक धीरज सिंह ने बगैर अनुमति के छात्रावास परिसर से तीन शीशम तथा एक गमार का पेड़ काटकर बेच दिया है| प्रशिक्षक धीरज द्वारा स्वयं यह स्वीकार किया गया है कि मैंने पेड़ों को काटकर ₹11000 में बेचा है| अंचल अधिकारी के बयान पर शिकारीपाड़ा पुलिस ने थाना कांड संख्या 15/2-2-22 भादवि की धारा 379 एवं 34 तथा वन अधिनियम की धारा 41 एवं 42 के तहत एक ज्ञात तथा एक अज्ञात के विरुद्ध मामला दर्ज करते हुए धीरज को जेल भेज दिया है|बताते चलें कि अंचलाधिकारी के आवेदन पर ग्रामीणों ने तंज कसते हुए कहा है कि जब चोरी की लकड़ी बेचने वाला अपराधी है तो खरीदने वाला साहूकार कैसे हो गया|




