धीरज शर्मा की रिपोर्ट
रविवार को गांधी शहादत दिवस पर पीस सेंटर, वाहिनी कोर्डिनेशन कमिटी, राष्ट्र सेवा दल, यूसुफ मेहर अली सेंटर, झुग्गी झोपड़ी संघर्ष समिति, गंगा मुक्ति आंदोलन और जल श्रमिक संघ की ओर से कई कार्यक्रम आयोजित हुए। आज कार्यक्रम की शुरुआत लाजपत पार्क के मुख्य गेट पर जमीन पर गांधी के बनाये चित्र पर श्रद्धांजलि से शुरू हुआ। इसके पूर्व वीर कुंवर सिंह, तिलकामांझी, सरदार पटेल, भगत सिंह, दीप नारायण सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुभाष चंद्र बोस, जयप्रकाश नारायण, अम्बेडकर आदि स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया गया था। गांधी का रेखा चित्र कला केंद्र के शिक्षक उमेश प्रसाद ने बनाये । इस मौके पर डा योगेंद्र, रामपूजन, मो. क़ासिम, सार्थक भरत, मो समीम आदि ने उपवास रख कर बापू की शहादत को याद किया । इस अवसर पर अपनी बात रखते हुए डॉक्टर हबीब मुर्शिद खान ने कहा कि गांधी कभी मरते नहीं। आज हम इसलिए उन्हें याद कर रहे हैं क्योंकि उनके विचार जिंदा है। आज भी कुछ लोग गांधी के इन विचारों की हत्या की सोच रहे हैं। पीस सेंटर के राहुल ने कहा कि आज का दिन संकल्प का दिन है। गांधी ने जिन मूल्यों के खातिर अपनी शहादत दी वह मिल्लत और भाईचारे का मूल्य, सत्य और अहिंसा का मूल्य है। अगर यह मूल्य जिंदा है तो गांधी जिंदा हैं। इसी कड़ी में बिहपुर के कोशी बांध पर बसे दलित बस्ती और बिहपुर खादी भंडार में संवाद आयोजित हुआ। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उदय ने कहा कि आज भी गांधी आम लोगों के दिलों में जिन्दा हैं। आज भी कुछ लोग गांधी की हत्या की फिराक में है। वे बापू की हत्या का स्वांग रचते हैं और खुश होते हैं वहीं दूसरी ओर गांधी के सत्य और अहिंसा का सहारा लेकर दुनिया में कई समता और बराबरी के आंदोलन सफलतापूर्वक हुए। सत्य और अहिंसा की ताकत को लोगों ने स्वीकार किया। यही गांधी की जीत है और घृणा व हिंसा करने वाले की हार। रणजीत मंडल ने कहा आज गांधी और अधिक प्रासंगिक हो उठे हैं, ने की बात करने वाले विदेशों में जाकर गांधी का गुणगान करने लगते हैं। रविन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि गांधी ने जीवन पर्यंत मानवता को सर्वोपरि समझा। तुलसी ऋषिदेव ने कहा गांधी का ईश्वर मानवता की सेवा में ही निहित था। इस अवसर पर विनय कुमार भारती ने बाबू के भजन गाए। गौतम कुमार प्रीतम ने कहा कि आज घृणा का माहौल बना कर राजनीति की जा रही है। इस सत्ता की राजनीति के लिए मनुष्य की जान भी सस्ती हो गई है। गांधी के हत्यारे मानवता की हत्या करने में लगे हैं। कार्यक्रम में डॉक्टर योगेंद्र, उदय, डॉ हबीब मुर्शिद खान, सार्थक भरत, अभिजीत, प्रभात कुमार, डॉ सागर, गुलशन, नीरज, ज्ञानरंजन, सहेंद्र साहू, राम पूजन, गौतम मल्लाह, इकराम हुसैन साद, प्रेम शंकर, सुधीर कुमार शर्मा, बीबी मंजूर,रंजीता, नसीमा खातून, आलोक आदि मौजूद थे।




