ब्यूरो रिपोर्ट
दुमका
भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) द्वारा आज रविवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का शहीद दिवस राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया गया| कोविड 19 के नियमों का पालन करते हुए ग्राम नकटी के निकट कार्यक्रम आयोजित कर महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई |शहीद दिवस के मौके पर कॉमरेड सुभाष हेंब्रम ने कहां कि आज ही के दिन 1948 ईस्वी में आरएसएस के कार्यकर्ता नाथूराम गोडसे ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को गोली मारी थी| उस वक्त राष्ट्रपिता महात्मा गांधी बिरला मंदिर में प्रार्थना सभा में मौजूद थे| राष्ट्रीय एकता के प्रतीक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या में नाथूराम गोडसे के अलावे सावरकर भी थे और कई उनके साथी शामिल थे| योजनाबद्ध तरीके से राष्ट्रपिता की हत्या की गई| संघ परिवार के लोग हमेशा हिंसक रहे हैं और आज देश की सत्ता पर आसीन हैं| आज पूरे देश में संघ परिवार अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ, ईसाइयों के खिलाफ, दलितों के खिलाफ संप्रदायिक हिंसा फैलाने में सबसे आगे हैं, जहां इन 7 सालों में मोदी के शासनकाल में महंगाई आसमान छू रही है, बेरोजगारी बढ़ती जा रही है, पेट्रोल डीजल रसोई गैस की कीमत काफी बढ़ गई है| जिससे देश की जनता की कमर टूट गई| इन मुद्दों पर सरकार का कोई ध्यान नहीं है| केवल संप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए हिंदू मुस्लिम जिन्ना पाकिस्तान करने में लगे हुए हैं| वही देश में बेरोजगारी का यह आलम है कि रेलवे के ग्रुप डी में डेढ़ करोड़ युवा फॉर्म भरते हैं जब समय पर परीक्षाएं नहीं ली जाती है तो आज हालात क्या है पूरे देश में आंदोलन चल रहा है| आज की तारीख में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी देश की एकता को बरकरार रखने के लिए अपनी अखंडता को बरकरार रखने बाबा साहब के द्वारा रचा गया संविधान को बचाने लोकतंत्र बचाने के लिए राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में माकपा ने मनाया| इस कार्यक्रम में उम्र देवी सिंह पहाड़िय किसान नेता के अलावे इस कार्यक्रम में उपस्थित कॉमरेड नीम धन तुरी कामरेड कालीचरण सिंह, कामरेड विष्णु राणा कॉमरेड साद मुन्नी देवी, शिव रतिया देवी शुक्र मुनी देवी शांति देवी मुकेश सिंह कुंती देवी थे।




