250 विद्यालयों को चिह्नित करते हुए प्रायोगिक तौर पर मातृभाषा आधारित शिक्षण व्यवस्था लागू करने की योजना – हेमंत सोरेन

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बसंत भालोटिया

युवाओं को प्रशिक्षण देकर निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने किया है HCL कम्पनी के साथ MoU

दुमका

दुमका के ऐतिहासिक पुलिस लाइन मैदान में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों की भाषाओं को ध्यान में रखते हुए मातृभाषा आधारित बहुभाषी शिक्षण व्यवस्था हेतु सामग्रियों को विकसित किया गया है। हमने विभिन्न जिलों के 250 विद्यालयों को विशेष रूप से चिह्नित करते हुये प्रायोगिक तौर पर मातृभाषा आधारित शिक्षण व्यवस्था लागू करने की योजना तैयार की है। इस योजना के फलाफल के आधार पर अन्य विद्यालयों में भी इस व्यवस्था को लागू किया जायेगा। इसका सीधा लाभ हमारे राज्य के उन बच्चों को मिलेगा जो मातृभाषा में पढ़ाई नहीं होने के कारण विद्यालय जाना छोड़ देते थे।आप सब अवगत हैं कि संथाल परगना से मजदूरों का पलायन होता है। इन मजदूरों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। Covid Lockdown के दौरान इन पर जो बीती वह पूरा देश जानता है। हम सब जानते हैं कि पलायन को पूर्णत: समाप्त नहीं किया जा सकता है। हम इनकी बेहतरी के लिए कुछ करना चाहते हैं। झारखण्ड के प्रवासी श्रमिकों के सुरक्षित प्रवास एवं प्रवासन हेतु “Safe and Responsible Migration Initiative” कार्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है। यह कार्यक्रम पायलट-प्रोजेक्ट के रूप में दुमका, गुमला एवं पश्चिमी सिंहभूम में चलाया जाएगा। इसके माध्यम से अगले 18 माह के अन्दर झारखण्ड से मजदूरों के प्रवास से जुड़ी सभी समस्याओं का अध्ययन करके एक ‘समग्र प्रवासन नीति’ तैयार की जाएगी, जिससे भविष्य में प्रवासी श्रमिकों की समस्याओं का निदान करने में सुविधा होगी।असंगठित श्रमिकों का निबंधन कराने हेतु ई-श्रम पोर्टल Launch किया गया है। इस पोर्टल पर झारखण्ड राज्य के कुल 80 लाख से अधिक श्रमिकों का निबंधन किया जा चुका है। इसके तहत निर्माण कार्य करने वाले श्रमिक, घरेलू मजदूर, कृषि श्रमिक, रेहड़ी-पटरी वाले एवं अन्य सभी असंगठित क्षेत्र के मजदूर सम्मिलित हो सकेंगे।राज्य सरकार द्वारा वर्षों से लम्बित रहे रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया को गति प्रदान करने हेतु विभिन्न नियुक्ति नियमावलियों एवं परीक्षा संचालन नियमावलियों के गठन/संशोधन की कार्रवाई की गयी है। राज्य के युवाओं को सरकारी नौकरी में अधिक-से-अधिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से विभिन्न नियुक्ति/परीक्षा संचालन नियमावली अन्तर्गत अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता के रूप में अभ्यर्थियों का मैट्रिक/10वीं कक्षा तथा इंटरमीडिएट/10+2 कक्षा झारखण्ड राज्य में अवस्थित मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान से उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया है। अभ्यर्थियों को स्थानीय रीति-रिवाज, भाषा एवं परिवेश का ज्ञान होना भी अनिवार्य किया गया है। झारखण्ड राज्य की आरक्षण नीति से आच्छादित अभ्यर्थियों के मामले में इस प्रावधान को शिथिल किया गया है ताकि राज्य के आरक्षण नीति से आच्छादित होने वाले छात्रों का सरकार के अधीन नियोजन में दावा सुरक्षित रह सके। सेवा शर्त नियमावलियों के गठन एवं संशोधन के उपरांत अब तक 4,142 (चार हजार एक सौ ब्यालीस) रिक्त पदों पर नियुक्ति हेतु अधियाचना झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग को भेज दी गई है।युवाओं को प्रशिक्षण देकर निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए हमारी सरकार ने HCL कम्पनी के साथ MoU किया है। इसके तहत् 12वीं पास छात्र एवं छात्राओं को आई०टी० सेक्टर में रोजगार देने के Pas Placement Linked Training Programme TECHBEE से जोड़ा जाएगा। TECHBEE HCL में योग्य छात्र/छात्राओं का चयन कर उन्हें एक वर्ष की ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग के उपरांत प्रशिक्षित युवाओं को HCL में ही नौकरी मिल सकेगी।

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