Tax-Net की श्रेणी में आने वालों को छोड़कर शेष सभी वृद्धजन को मिलेगा पेंशन योजना का लाभ – मुख्यमंत्री

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ब्यूरो रिपोर्ट

दुमका

गणतंत्र दिवस समारोह को संबोधित करते हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखण्ड के आदिवासी युवाओं को विश्वस्तरीय शिक्षा के अवसर प्रदान करने हेतु राज्य सरकार द्वारा मरङ गोमके जयपाल सिह मुण्डा पारदेशीय छात्रवृति योजना लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष अनुसूचित जनजाति के 10 (दस) प्रतिभावान छात्र/छात्राओं को चयनित कर इंग्लैंड और नॉर्थन आयरलैण्ड में अवस्थित विश्वविद्यालयों/संस्थानों में कतिपय कोर्स में उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त करने हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इस वर्ष अनुसूचित जनजाति समुदाय के 07 छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया गया है।भविष्य में इस योजना का विस्तार किया जाएगा। एक छात्र पर लगभग एक करोड़ रुपये की राशि सरकार खर्च कर रही है।राज्य अन्तर्गत निजी क्षेत्र में स्थापित कारखानों/उद्योगों/संयुक्त उद्यमों तथा पी०पी०पी० के तहत् संचालित परियोजनाओं में होने वाली नियुक्तियों में 75% आरक्षण स्थानीय युवाओं के लिए करने हेतु झारखण्ड राज्य के निजी क्षेत्र में स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन अधिनियम, 2021 लागू किया गया है। हमारा यह प्रयास बेरोजगारी तथा पलायन की समस्या को कम करने में अत्यधिक सार्थक भूमिका निभाएगा।

हमने सर्वजन पेंशन योजना की शुरूआत की है, जो सरकार के कल्याणकारी दायित्वों के निर्वहन में एक महत्वपूर्ण कदम है। क्षेत्र भ्रमण के क्रम में मुझे यह जानकारी मिलती थी कि सीमित लक्ष्य के कारण लाखों की संख्या में जरूरतमंद वृद्धजनों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा। यह देखकर मुझे पीड़ा होती थी और मैंने दो वर्ष पूर्व यह संकल्प लिया था कि अगर हमारी पार्टी की सरकार बनेगी तो हम इसका स्थायी निदान करेंगे। अब हमने यह निर्णय लिया है कि Tax-Net की श्रेणी में आने वालों को छोड़कर शेष सभी वृद्धजन इस योजना का लाभ पाने के पात्र होंगे।

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के दौरान इस योजना का लाभ तीन लाख से अधिक लोगों को दिया गया है।हमारा देश कृषि प्रधान देश है और कृषि इसकी अर्थव्यवस्था की नींव भी है। यहाँ कृषि केवल खेती करना नहीं है, बल्कि जीवन जीने की एक कला है। राज्य में फसल उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ाने एवं उन्नत कृषि प्रौद्योगिकी को प्रदर्शित करने के लिए राजकीय कृषि प्रक्षेत्रों की भूमि में कृषक पाठशाला स्थापित करने एवं इनकी परिधि में अवस्थित ग्रामों को बिरसा ग्राम के रूप में विकसित करने हेतु 61 करोड़ रुपये की लागत से समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना से कृषक पाठशाला योजना लागू की गई है।

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