:- रवि शंकर अमित!
सुप्रीम कोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्याकांड में मोकामा विधायक अनंत सिंह की जमानत (Bail) रद्द कर दी है और उन्हें 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कई अहम बातें कहीं:
- 1 दिसंबर तक करना होगा सरेंडर: शीर्ष अदालत ने पटना हाईकोर्ट द्वारा अनंत सिंह को दी गई जमानत के आदेश पर रोक लगा दी है। उन्होंने अपनी बेटी की शादी का हवाला देकर सरेंडर से अतिरिक्त समय मांगा था, लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया।
- हत्या को राजनीतिक विवाद मानना गलत: कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि किसी हत्या के मामले को सिर्फ राजनीतिक विवाद के रूप में देखना पूरी तरह गलत है। मामले की जांच अभी जारी है और गवाहों के बयान होना बाकी है।
- जल्द जांच पूरी करने का निर्देश: सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वह इस मामले की जांच को अगले 4 महीनों के भीतर पूरा करे।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला साल 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान मोकामा टाल इलाके में हुई चुनावी हिंसा से जुड़ा है, जिसमें दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी। दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से मिली जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। बिहार सरकार ने भी हलफनामे में अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास का जिक्र करते हुए इसका समर्थन किया था।



