रिपोर्ट- मलय झा!
पूर्णिया और सीमांचल से रोजगार की तलाश में मलेशिया गए 18 मजदूर मलेशिया में जेल की सजा काट रहे हैं। इसमें 16 मजदूर किसी तरह भाग कर अपने घर वापस लौट गए हैं। मलेशिया में गिरफ्तार किए गए मजदूरों ने अपना एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है जो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें वे लोग नाहिद गनी पर आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने गलत तरीके से उन्हें मलेशिया भेजा। जहां उन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। मलेशिया से लौटे मजदूर और उनके परिजनों ने पूर्व विधायक मास्टर मुजाहिद के साथ आकर पूर्णिया आईजी को एक आवेदन दिया। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि रोटा निवासी ट्रैवल एजेंट हाजी नाहिद गनी ने उन लोगों को फर्जी टूर वीजा पर मलेशिया भेजा था। जहां उनके पाकिस्तानी एजेंट अशरफ उन्हें काफी टॉर्चर करता था। वे लोग डंकी रूट जो मानव तस्करी के लिए फेमस रूट है उस रास्ते से किसी तरह समुद्र और जंगल होकर मलेशिया पहुंचा था। जहां वे लोग एक फैक्ट्री में काम करते थे। लेकिन वैध कागजात नहीं होने के कारण मलेशिया की पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया। कुछ लोग गिरफ्तारी से बचने के लिए जंगल में छुपते थे। हालांकि उसमें से पूर्णिया ,किशनगंज और अररिया के 16 लोग किसी तरह जुर्माना देकर अपने घर वापस आए हैं। वहीं पूर्व विधायक मास्टर मुजाहिद का आरोप है कि नाहीद गनी रौटा में फर्जी तरीके से ट्रैवल एजेंसी चलता है। जहां वह लोगों से दो-दो लाख रूपए लेकर रोजगार देने के नाम पर विदेश भेजता है। पिछले 20 अगस्त को रौटा और कोचाधामन के कुछ लोगों को दुबई में बंधक बना लिया गया था। उन्हें भी हाजी नाहिद गनी ने ही फर्जी तरीके से दुबई भेजा था। वही इस बाबत पूछे जाने पर नाहिद गनी ने कहा कि वह ट्रैवल एजेंसी चलाते हैं और लोगों को रोजगार के लिए विदेश भेजते हैं। राजनीतिक कारण से उन्हें फसाया जा रहा है।




