:- रवि शंकर अमित!
बिहार में महिलाओं और बच्चों के प्रति तेजी से बढ़ते अपराध को लेकर पुलिस ने एक अलग रास्ता अख्तियार किया है, पुलिस ने अब जागरूकता अभियान के तहत लोगों को जागरूक करना शुरू किया है, ताकि लोग स्वत: भी सुरक्षित रहे, इसी क्रम में आज एसडीपीओ आयुष श्रीवास्तव के नेतृत्व में बाढ़ अनुमंडल में एक फ्लैग मार्च निकाला गया जिसके दौरान रास्ते में आने वाले स्कूलों में रुक रुक कर पुलिस पदाधिकारीयों द्वारा बच्चों को सुरक्षित कैसे रहें इसके टिप्स दिए गए!
बाढ़ अनुमंडल में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस का विशेष जागरूकता अभियान, एसडीपीओ आयुष श्रीवास्तव के नेतृत्व में बाढ़, एनटीपीसी, पंडारक और घोसवरी थाना क्षेत्रों में निकाला गया रूट मार्च, विद्यालयों और बाजारों में लोगों से संवाद कर सुरक्षा के प्रति किया जागरूक
बाढ़ अनुमंडल क्षेत्र में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा एवं जागरूकता को लेकर बुधवार को पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया गया। एसडीपीओ आयुष श्रीवास्तव के नेतृत्व में बाढ़, एनटीपीसी, पंडारक और घोसवरी थाना क्षेत्रों में यह अभियान संचालित किया गया। अभियान में संबंधित थानों के थानाध्यक्ष और पुलिस पदाधिकारी शामिल रहे।
अभियान के दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस ने रूट मार्च निकाला और आम लोगों को महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। पुलिस पदाधिकारियों ने स्थानीय विद्यालयों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों से संवाद स्थापित कर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी।
पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं से अपील की कि किसी भी प्रकार की छेड़खानी, उत्पीड़न अथवा संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। साथ ही, ऑनलाइन माध्यम से होने वाले अपराधों और साइबर ग्रूमिंग से सतर्क रहने की सलाह दी गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में महिलाएं और बालिकाएं बिना भय के पुलिस से संपर्क करें।
अभियान के दौरान ‘पुलिस दीदी’, ‘अभया ब्रिगेड’ और महिला हेल्प डेस्क समेत विभिन्न आपातकालीन सहायता सेवाओं की जानकारी पैम्फलेट और बैनर के माध्यम से दी गई। पुलिस ने लोगों को बताया कि जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता के लिए पुलिस से संपर्क किया जा सकता है।
पुलिस के अनुसार, इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना, उन्हें अपने अधिकारों एवं सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक करना तथा पुलिस और आम नागरिकों के बीच संवाद एवं विश्वास को और मजबूत बनाना है।




