रिपोर्ट – मिथुन कुमार!
नालंदा के बिहारशरीफ में 14 दिनों तक चले गणेश उत्सव का भव्य समापन हो गया। मंगलवार की अहले सुबह शहर की सड़कों पर एक से बढ़कर एक आकर्षक झांकियों के साथ गणपति बप्पा की प्रतिमाओं का किया गया। नालंदा जिला पूजा उत्सव समिति की ओर से निर्धारित तिथियों के अनुसार 26 से 29 सितंबर के बीच शहर की विभिन्न स्थानीय नदियों, तालाबों और सरोवरों में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।विसर्जन को लेकर शहर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। ढोल-नगाड़ों, गाजे-बाजे और भव्य झांकियों के साथ निकली विसर्जन शोभायात्रा ने पूरे शहर का माहौल भक्तिमय कर दिया। सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।वहीं, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम और एसडीपीओ समेत कई वरीय अधिकारी देर रात तक सड़क पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते और मोर्चा संभालते नजर आए।गणेश उत्सव के दौरान समाजसेवी दानिश मल्लिक ने गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करते हुए सामाजिक एकता का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि बेहतर झांकी निकालने वाले प्रथम, द्वितीय और तृतीय प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।दानिश मल्लिक ने कहा कि आज समाज में धर्म के नाम पर लोगों के बीच बिखराव देखने को मिल रहा है। ऐसे आयोजनों के जरिए उनका प्रयास समाज में आपसी भाईचारा और एकता को मजबूत करना है। उन्होंने गणेश विसर्जन के दौरान प्रशासन और पुलिस की बेहतर व्यवस्था की भी सराहना की।वहीं, ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारों के साथ श्रद्धालुओं ने नम आंखों से बप्पा को विदाई दी।
बाइट:दानिश मल्लिक समाजसेवी
मिथुन कुमार, संवाददाता नालंदा



