मुख्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त किया जाए – वामदलों ने निकाला मोर्चा!

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रिपोर्टर– राजीव कुमार झा!

जुलूस निकालकर जोरदार नारेबाजी के साथ वामपंथी दलों ने प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया

मधुबनी जिला मुख्यालय की सरको पर उतरे संयुक्त बाम दल के लोग। भारतीय की कम्यूनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी माले,भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेता जिला सचिव मिथिलेश कुमार झा, ध्रुव नारायण कर्ण एवं मनोज कुमार यादव के नेतृत्व में कर्मचारी महासंघ कार्यालय गेट से जुलूस निकालकर मुख्य सड़क होते हुए प्रतिरोध मार्च के सक्ल मे थाना चौक पर पहूंच कर जोरदार नारेबाजी के साथ,हाथ में लाल झंडा थामे प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया। वामदल के नेताओं ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अविलंब बर्खास्त किया जाय। बामपंथी नेताओं ने आगे कहा कि एस आई आर को रोकने,गलत तरीके से वोटर लिस्ट से नाम काटे गए लोगों को वोटिंग अधिकार वहाल किया जाय। भारतीय चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पुरी तरह समाप्त हो गया है, चुनाव आयोग द्वारा डेटाबेस को केंद्रीयकरण करना लोकतंत्र को समाप्त करने की बड़ी साज़िश है, वक्ताओं ने कहा भारतीय चुनाव आयोग की पारदर्शि होना, जनतांत्रिक कामकाज और सार्वभौमिक व्यस्क मताधिकार के बुनियादी जनतांत्रिक सिद्धांत के सुरक्षा का सवाल है ,ज्ञानेश कुमार लोकतंत्र के साथ अपराध किया है। उन्हें बिना देर किए अपने पद से हट जाना चाहिए, भारतीय चुनाव आयोग को स्वतंत्र रूप से जनतांत्रिक अधिकार के तहत काम करना चाहिए, जिनके इशारे पर इस तरह का जघन्य अपराध किया गया है उनको भी देश के जनता माफ नहीं करेगा, वक्ताओं ने बिहार एवं बंगाल की चुनाव दुबारा कराने की मांग को जोरदार रूप से उठाते हुए चुनाव आयोग पर कड़ारा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि वे सभी नियम कानून को दरकिनार कर मनमर्जी फैसला लेते रहे, जबकि सामुहिक एकरुपता फैसला से चुनाव आयोग को काम करना चाहिए, आयोग आर एस एस और भाजपा के इसारे पर लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया है। जबकि दो चुनाव आयुक्त के द्वारा 10 महिने में 14 बार आपत्ति अपने नोट बुक में दर्ज किया गया। लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनके सभी बातों को दरकिनार कर फॉर्म 6 लाकर कानून स्वयं बना डाला। जबकि 6 फॉर्म में बदलाव के लिए लोकसभा से कानून पारित करना होता है। उधर मोदी जी 2023 में कानून इजात कर मुख्य चुनाव आयुक्त को गिरफ्तार करने पर रोक लगा दिया। जो जनतंत्र के लिए घातक है। वक्ताओ ने आगे कहा है कि यह आंदोलन आज से शुरू हुआ है जो आगे ज्ञानेश कुमार के बर्खास्तगी तक जारी रहेगा। मौके पर आयोजित सभा को मनोज मिश्र, लक्ष्मण चौधरी, माले के श्याम पंडित, विशंभर कामत, माकपा रामजी यादव, दिलीप झा, भाकपा के मोती लाल शर्मा, संतोष कुमार मिश्र, माले के मंयक कुमार,पुरणेंदु कुमार, माकपा के शशिभूषण प्रसाद, बाबूलाल महतो, भाकपा के सत्यनारायण राय,जुबैर अंसारी, गणेश झा,माले के अजित ठाकुर,मोहम्मद ईमरान,शैनी शाह, साफी साह, नबीशी खातुन ,बेबी खातून, माकपा के बिन्दु यादव, अरुण यादव,उषा देवी कैलाश पासवान, रेखा देवी, मुन्नी खातून सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता वामदल के नेताओं ने संयुक्त रुप से मिथिलेश कुमार झा, ध्रुव नारायण कर्ण, मनोज कुमार यादव ने किया।

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