जहानाबाद- बड़ी संख्या में पितरों के आत्मा की शांति के लिये किंजर पहुँच रहे श्रद्धालु!

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पंकज कुमार जहानाबाद

पितृपक्ष में अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना लेकर बड़ी संख्या में श्रद्धालु किंजर पहुंचे। पुनपुन नदी के सूर्य मंदिर घाट पर देश के विभिन्न हिस्सों के अलावा विदेशों से आए पिंडदानियों ने विधि-विधान से प्रथम पिंडदान का अनुष्ठान किया। इसके बाद अधिकांश श्रद्धालु गया धाम के लिए रवाना हो गए।
सुबह से ही किंजर पुनपुन नदी घाट पर पिंडदानियों की भीड़ जुटने लगी थी। वियतनाम, नेपाल, बांग्लादेश सहित पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, ओडिशा, राजस्थान और अन्य राज्यों से लोग अपने परिवार और पुरोहितों के साथ पहुंचे। पश्चिम बंगाल से अरुण बृजवासी और सज्जन बृजवासी अपने परिवार के 14 सदस्यों के साथ पहुंचे थे। इसके अलावा बिलासपुर के विष्णु प्रसाद शर्मा, ओडिशा के ओमप्रकाश शर्मा व पूर्ण शर्मा, काठमांडू के नंदकिशोर, सिलीगुड़ी के विजय कुमार, कोलकाता के कन्हैया तिवारी, जयपुर की माधुरी शरण तथा धर्मजयगढ़ के नटवर अग्रवाल और सुमन अग्रवाल समेत अन्य पिंडदानियों ने भी कर्मकांड पूरा किया। वियतनाम से मनोहर थापा और विजय थापा भी पिंडदान के लिए पहुंचे।
लगातार बारिश के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी हुई। खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को बारिश के बीच ही अनुष्ठान करना पड़ा। रामझरोखा सूर्य मंदिर परिसर के सामुदायिक भवन, प्रशिक्षण भवन और यात्री निवास के कमरे व बरामदे में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही। बाहर से लगातार पिंडदानियों के पहुंचने के कारण ठहरने के लिए उपलब्ध स्थान भी कम पड़ गया।
वाहनों की लगी लंबी कतार
किंजर-अरवल मुख्य मार्ग पर पुलिस ने छोटे चार पहिया वाहनों को सड़क के दोनों ओर व्यवस्थित तरीके से खड़ा कराया। वाहनों की संख्या बढ़ने से किंजर सरकारी अस्पताल से मिर्जापुर कॉलेज तक करीब एक किलोमीटर में वाहनों की कतार लग गई। क्षतिग्रस्त किंजर पुल पर आवागमन बंद रहने के कारण दूसरे राज्यों से आने वाली बड़ी बसों को बाजार के समीप ही रोकना पड़ा।
पिंडदानी संजय बृजवासी ने बताया कि महिलाओं के लिए कपड़े बदलने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने घाट पर अस्थायी चेंजिंग रूम बनाए जाने की आवश्यकता बताई। वहीं जयपुर की माधुरी शरण ने कहा कि पक्के सीढ़ी घाट के ऊपर यदि शेड की व्यवस्था हो तो बारिश के दौरान श्रद्धालुओं को परेशानी नहीं होगी। उन्होंने घाट के ऊपर बड़े शेड का निर्माण कराने की मांग जिला प्रशासन से की।
पुलिस ने संभाली यातायात व्यवस्था
पितृपक्ष को लेकर किंजर पुलिस भी सक्रिय रही। थानाध्यक्ष अविनाश कुमार और एसआइ शशि कुमार सिन्हा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने वाहनों की पार्किंग, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था संभाली।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले दो वर्षों की तुलना में इस बार घाट पर प्रशासनिक तैयारियां कम नजर आईं। उनका कहना है कि पूर्व में पितृपक्ष शुरू होने से पहले ही घाट पर अधिकारियों की गतिविधियां बढ़ जाती थीं। नदी किनारे सुरक्षा के लिए बांस की बैरिकेडिंग, एसडीआरएफ टीम, जागरूकता बैनर आदि की व्यवस्था की जाती थी। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इन व्यवस्थाओं को और मजबूत करने की मांग की गई है।

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