ब्यूरो रिपोर्ट शंखनाद!
छपरा- सोनौली में तीन माह पहले बनी साइफन पुलिया के पास रिसाव से टूटा बांध, फसल नुकसान की आशंका,
मशरक प्रखंड के सोनौली गांव में सुबह लगातार बारिश और नहर में पानी के दबाव के कारण नहर का बांध टूट गया। बांध टूटने से नहर का पानी आसपास के खेतों में फैलने लगा। इससे खेतों में लगी फसल को नुकसान होने की आशंका है। ग्रामीणों ने समय रहते बांध की मरम्मत नहीं होने पर पानी के आबादी वाले क्षेत्र में पहुंचने की भी आशंका जताई है। मुखिया इम्तियाज खान उर्फ चुन्नू बाबू ने बताया कि किसानों के खेतों की सिंचाई के लिए करीब तीन माह पहले नहर के बांध पर साइफन पुलिया बनाई गई थी। सुबह पुलिया के आसपास से पानी का रिसाव शुरू हुआ। लगातार रिसाव के कारण पुलिया के आसपास की मिट्टी बह गई और पानी के दबाव से बांध टूट गया। इसके बाद नहर का पानी खेतों की ओर तेजी से बहने लगा। मुखिया ने पुलिया निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि निर्माण के महज तीन माह बाद ही पुलिया के आसपास मिट्टी का कटाव होकर बांध टूटना जांच का विषय है। उन्होंने घटना की सूचना विभागीय अधिकारियों और जिलाधिकारी को दी।
मौके पर पहुंचे जेई, बीडीओ और थानाध्यक्ष
बांध टूटने की सूचना मिलने के बाद कनीय अभियंता मौके पर पहुंचे। जेई ने ग्रामीणों को करीब एक घंटे के अंदर बांध की मरम्मत शुरू कराने का आश्वासन दिया। सूचना मिलने पर बीडीओ पंकज कुमार और थानाध्यक्ष उज्ज्वल कुमार भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण नहर में पानी का दबाव बना हुआ है। ऐसे में जल्द मरम्मत नहीं होने पर पानी का बहाव बढ़ सकता है और खेतों में लगी फसल को नुकसान हो सकता है। ग्रामीणों ने बांध की स्थायी मरम्मत कराने के साथ ही साइफन पुलिया के निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।


