कैमूर- आर्मी जवान को जिंदा जलाकर हत्या का आरोप, मौत के बाद भड़का आक्रोश, जाम प्रदर्शन, 3 गिरफ्तार!

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रिपोर्ट – पियूष कुमार!

कैमूर के रामगढ़ में आर्मी जवान शत्रुघ्न यादव की इलाज के दौरान मौत के बाद भारी जनआक्रोश देखने को मिला। आरोप है कि करीब 16 लाख रुपये के भूमि विवाद को लेकर विरोधियों ने छुट्टी पर गांव आए आर्मी जवान शत्रुघ्न यादव को स्कॉर्पियो गाड़ी में कथित तौर पर जिंदा जला दिया था। गंभीर रूप से झुलसे जवान का इलाज लखनऊ स्थित आर्मी अस्पताल में चल रहा था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

जवान की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग तिरंगा और शत्रुघ्न यादव की तस्वीर वाले पोस्टर लेकर रामगढ़ के दुर्गा चौक तथा थाना परिसर के सामने सड़क पर उतर आए। तेज बारिश के बावजूद लोग धरने पर बैठे रहे। प्रदर्शन के कारण करीब चार घंटे तक आवागमन बाधित रहा।

थानाध्यक्ष और IO की कार्यशैली पर सवाल

प्रदर्शनकारियों ने रामगढ़ थानाध्यक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्हें निलंबित करने की मांग की। ग्रामीणों की मांग थी कि घटना में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और पुलिस-प्रशासन के वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का आश्वासन दें।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मामले के अनुसंधानकर्ता (IO) की भूमिका पर भी सवाल उठाए और पुलिस की कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की।

मौके पर पहुंचे एसपी

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कैमूर एसपी शिखर चौधरी मौके पर पहुंचे और परिजनों तथा प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। एसपी ने बताया कि परिजनों की ओर से दिए गए आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

एसपी के अनुसार, मामले में एक अन्य नामजद आरोपी फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। एसपी ने कहा कि यदि फरार आरोपी जल्द आत्मसमर्पण नहीं करता है तो न्यायालय से वारंट प्राप्त कर आगे कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की भूमिका की होगी समीक्षा

रामगढ़ थानाध्यक्ष और अनुसंधानकर्ता की कार्यशैली को लेकर उठे सवालों पर एसपी ने कहा कि मामले की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी। यदि जांच में पुलिस स्तर पर किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

एसपी शिखर चौधरी, मोहनिया एसडीएम रत्ना प्रियदर्शिनी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को निष्पक्ष जांच, फरार आरोपी की गिरफ्तारी तथा उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब चार घंटे से जारी धरना और सड़क जाम समाप्त हुआ तथा यातायात सामान्य कराया गया।

मामले में पुलिस की जांच जारी है और घटना के सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही गई है।

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