बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को बाढ़ग्रस्त घोषित कर तत्काल राहत एवं मुआवजा देने की मांग।

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आरा/आशुतोष पाण्डेय

आरा। 9 सितंबर 2026
भोजपुर जिला कांग्रेस कमिटी का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाध्यक्ष डॉ. श्रीधर तिवारी के नेतृत्व में जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली।
जिलाध्यक्ष डॉ. श्रीधर तिवारी ने कहा कि जिले में बाढ़ और कटाव की स्थिति गंभीर बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला के प्रभारी मंत्री द्वारा केवल औपचारिक दौरा और घोषणाएं की जा रही हैं, जबकि जमीनी स्तर पर प्रभावित लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि गंगा नदी के कटाव से कई गरीब परिवारों के घर नदी में विलीन हो चुके हैं, जबकि कई अन्य घर डेंजर जोन में आने के कारण खाली कराए गए हैं। घर छोड़कर विद्यालयों, बांधों एवं अन्य अस्थायी स्थानों पर शरण लेने वाले लोगों के समक्ष भोजन, आवास, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, बच्चों की पढ़ाई तथा पशुओं के चारा-दाना जैसी बुनियादी सुविधाओं का गंभीर संकट है।
कांग्रेस पार्टी ने जिला प्रशासन से भोजपुर जिले के बड़हरा, शाहपुर, बिहिया, आरा एवं कोईलवर क्षेत्रों को तत्काल बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने तथा प्रभावित परिवारों को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। पार्टी ने शाहपुर से कोईलवर तक गंगा एवं सोन नदी के तटीय क्षेत्रों को कटाव और बाढ़ से स्थायी सुरक्षा प्रदान करने के लिए पक्के ठोकर तथा मजबूत एवं स्थायी तटबंध निर्माण कराने की भी मांग की।
कांग्रेस ने प्रभावित लोगों के लिए पर्याप्त संख्या में राहत शिविर संचालित करने, 24 घंटे चिकित्सा दल एवं एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराने तथा बाढ़ से घिरे गांवों और टोला-मुहल्लों में आवागमन, राहत एवं बचाव कार्य के लिए पर्याप्त नावों की व्यवस्था करने की मांग की है। जरूरतमंद परिवारों को त्रिपाल उपलब्ध कराने के साथ पशुओं के लिए पर्याप्त चारा-दाना एवं पशु चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था करने की भी मांग की गई।
पार्टी ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के बच्चों के लिए दूध एवं पोषाहार, खाना बनाने के लिए निःशुल्क जलावन अथवा रसोई गैस तथा बांधों एवं अस्थायी स्थानों पर रह रहे विस्थापित परिवारों के लिए टेंट, बिजली, पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। कांग्रेस के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी विरेन्द्र मिश्रा ने आरोप लगाया कि आरा विधायक, जो बिहार सरकार में मंत्री भी हैं, इस आपदा की घड़ी में प्रभावित जनता की समस्याओं के प्रति गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मंत्री की सक्रियता अपेक्षित रूप से दिखाई नहीं दे रही है।
कांग्रेस पार्टी ने कहा कि वह इस आपदा की घड़ी में प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ संवेदना के साथ खड़ी है। पार्टी ने प्रशासन से राहत के रूप में आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रत्येक प्रभावित परिवार के लिए कम-से-कम तीन माह का राशन सुनिश्चित करने की मांग की।
इसके अलावा बाढ़ के दौरान डूबने अथवा अन्य बाढ़जनित घटनाओं में मृत व्यक्तियों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की गई। पार्टी ने गंगा नदी के कटाव में जिन गरीब परिवारों के घर विलीन हो गए हैं, उन्हें तीन-तीन डिसमिल जमीन उपलब्ध कराकर आवास निर्माण एवं पुनर्वास की व्यवस्था करने की भी मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से बाढ़ एवं कटाव की गंभीर स्थिति को देखते हुए उक्त मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने तथा राहत, बचाव, पुनर्वास एवं कटावरोधी कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी विरेन्द्र मिश्रा, युवा जिलाध्यक्ष डॉ. भानु प्रताप सिंह, आरा विधानसभा युवा अध्यक्ष कुमार साकेत, लक्ष्मण तिवारी सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल थे।

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