रिपोर्ट – मनोज कुमार!
बाढ़ के पानी वाली मछलीयां सेवन नहीं करने की अपील,
इन्फेक्शन औऱ बीमारी की संभावना को लेकर अलर्ट,
अंजान मछलीयां देखें या पाये जाने पर प्रशासन को सूचना देने की अपील,
डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग बिहार सरकार नें किया एडवाइजरी जारी,
पश्चिम चम्पारण जिले वासियों से नेपाल के रास्ते पानी में बहकर आने वाली मछलीयों से सावधानी बरतने की सलाह,
बगहा SDM चांदनी कुमारी नें दीं जानकारी।
ख़बर बगहा से है जहाँ नेपाल में आई बाढ़ के बाद गंडक नदी के तेज बहाव के साथ बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों में पहुंच रही अज्ञात और असामान्य मछलियों को लेकर प्रशासन ने आम लोगों को सतर्क किया है। यहीं वज़ह है की डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के निर्देश पर नदी तटिये क्षेत्रों में अलर्ट जारी करते हुए इसकी सूचना प्रशासन को देने की अपील की गईं है।
दरअसल बाढ़ की पानी में आने वाली इन अज्ञात मछलीयों से इन्फेक्शन औऱ कई बीमारियों के फ़ैलने के अलावा संक्रमण की संभावना जताई गईं है लिहाजा
बगहा अनुमंडल प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी में लोगों से ऐसी मछलियों को पकड़ने, खरीदने, बेचने और खाने से पूरी तरह बचने की अपील की गई है। बगहा एसडीएम चांदनी कुमारी ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने को कहा है।
बताया जा रहा है की जनहित में जारी सूचना के मुताबिक नेपाल की ओर से बाढ़ के पानी के साथ बिहार के कुछ क्षेत्रों में अज्ञात औऱ असामान्य प्रकार की मछलियों के पहुंचने की जानकारी मिली है। कई जगह लोग पकड़ते औऱ छानते देखें गए हैं। ऐसी मछलियों के सेवन के बाद कुछ लोगों के बीमार पड़ने की सूचना भी प्रशासन को प्राप्त हुई है। बाढ़ के दौरान तालाबों, नदियों और जलाशयों से निकलने वाली मछलियां पानी के साथ दूर-दूर तक पहुंचती हैं। इस दौरान गंदे नालों, मृत जानवरों और अन्य दूषित पदार्थों के संपर्क में आने के कारण इनके जीवाणु, विषाणु या अन्य हानिकारक तत्वों से प्रदूषित होने की आशंका जताई गई है। तभी तो प्रशासन नें लोगों को इन मछलीयों से बचने की सलाह दिया है।
इंडो नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मीकिनगर से लेकर धनहा स्थित गौतम बुद्ध सेतु तक गंडक नदी के किनारे बड़ी संख्या में लोग मछलियां पकड़ने पहुंच रहे हैं। मछुआरों के हाथ 10 से लेकर 90 किलो तक वजन वाली बड़ी बघार मछलियां भी लगी हैं। बड़ी मछलियां मिलने की सूचना फैलने के बाद नदी किनारे लोगों की भीड़ बढ़ गई है। कई लोग जानकारी के अभाव में इन मछलियों को पकड़कर घर ले जा रहे हैं और कुछ के द्वारा इन्हें बेचने की भी बात सामने आई है।
यहीं कारण है की अब इस गंभीर मामले में प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसी अज्ञात औऱ असामान्य दिखने वाली मछलियों का सेवन कतई न करें और बाढ़ के पानी से पकड़ी गई अनजान मछलियों को बाजार में खरीदने-बेचने से भी बचें।
मछली की पहचान को लेकर संदेह हो तो संबंधित मत्स्य विभाग से पुष्टि के बाद ही उसका उपयोग करें।
बता दें की बगहा में प्रशासन ने अपील किया है कि ऐसी मछलियों की जानकारी मिलने पर जिला मत्स्य पदाधिकारी औऱ स्थानीय प्रशासन को तत्काल सूचना दें । SDM चांदनी कुमारी नें किसी भी परिस्थिति में बाढ़ की पानी से मिलने वाली बाहरी मछलीयों के सेवन न करने की अपील किया है। क्योंकि सतर्कता औऱ जागरूकता हीं आपदा की इस घड़ी में हम सबकों बचा सकता है।



