मेरा बेटा देशभक्त था, मुझे पैसे-नौकरी का लालच नहीं”, मुझे न्याय चाहिए -भरत तिवारी की मां!

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आरा/आशुतोष पाण्डेय!

एंकर: भोजपुर के शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की मां आशा देवी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के ऐलान के बाद अपनी बात रखी है। आशा देवी ने कहा कि उन्हें आर्थिक मदद या नौकरी का लालच नहीं है। उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि मामले में नामजद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए और अदालत से उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिले।

वीओ: भरत तिवारी की मां आशा देवी ने भावुक होते हुए कहा कि उनका बेटा देशभक्त था और लोगों के लिए जीता था। उन्होंने कहा, “मेरा बेटा लोगन खातिर जियत रहल, उहे लोगन खातिर आज शहीद हो गइल बा।”

स्व. भरत तिवारी

आशा देवी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भरोसा जताते हुए सरकार से मांग की उनके बेटे भरत तिवारी को शहीद का दर्जा दिया जाए। साथ ही उन्होंने विस्थापित परिवारों के लिए उचित व्यवस्था करने और उन्हें सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।

सीएम के ऐलान के बाद मां ने रखा पक्ष:
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में चल रही न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया था। इसके बाद भरत की मां ने सरकार के सामने अपना पक्ष रखा।

दो हजार से अधिक लोगों ने दर्ज कराई प्राथमिकी:
इधर, भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में एसडीएम, एसडीपीओ समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ अब तक दो हजार से अधिक लोगों द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराने की बात सामने आई है। वहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पटना कार्यालय में भरत तिवारी की मां आशा देवी ने संबंधित फाइलों पर हस्ताक्षर किए हैं।

आशा देवी की मांग:
भरत तिवारी की मां का कहना है कि उन्हें किसी आर्थिक मुआवजे से ज्यादा अपने बेटे के लिए न्याय चाहिए। अब उनकी नजर सरकार की अगली कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी है।

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