रिपोर्ट :- संतोष चौहान!
सुपौल :- जिले के छातापुर मुख्यालय बाजार स्थित ब्लॉक चौक के समीप प्राथमिक विद्यालय प्रखंड कॉलोनी में गुरुवार को पढ़ने आए छात्रों से साफ-सफाई कराए जाने का मामला प्रकाश में आया है। गुरुवार दोपहर करीब ढाई बजे बच्चों से स्कूल की दूसरी मंजिल की छज्जी और परिसर से कचरा साफ कराया जा रहा था। जबकि सभी स्कूलों में सफाई कर्मी भी कार्यरत हैं।
स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के बजाय उनसे काम कराया जाएगा तो उनके भविष्य पर क्या असर पड़ेगा। अभिभावक अपने नौनिहालों को भविष्य संवारने के लिए स्कूल भेजते हैं, लेकिन वहां शिक्षकों द्वारा मासूम बच्चों के नन्हे हाथों में झाड़ू थमा दिया जाए तो यह चिंता का विषय है। इससे उनकी पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ना तय है। बच्चे पढ़ाई में कम और अन्य कार्यों पर अधिक ध्यान देंगे।
स्कूल में पढ़ाई के लिए आने वाले बच्चों से शिक्षक अच्छी तालीम देने के बजाय साफ-सफाई करवा रहे हैं। वो भी ऐसे छत-छज्जे पर जहां कभी भी बच्चे दूर्घटना का शिकार हो सकते हैं। स्कूल के शिक्षक कार्यालय में बैठकर फंखा का हवा लगाने में व्यस्त रहते हैं। इस संबंध में एचएम गुंजन देवी ने बताया कि बच्चों को सफाई करने के लिए नहीं कहा गया था, बच्चे अपनी मर्जी से सफाई करने लगे, जिसे रोका भी गया। उन्होंने बताया कि स्कूल में सफाई कर्मी कार्यरत हैं, लेकिन वे नियमित रूप से सफाई नहीं करते हैं।




