रिपोर्ट – अमित कुमार!
सरकार के दो वरिष्ठ मंत्रियों ने प्रेस को संबोधित किया। प्रेस ब्रीफिंग में JDU नेता और मंत्री अशोक चौधरी ने जहां विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया वहीं मद्य निषेध मंत्री मदन सहनी ने शराबबंदी कानून को लेकर सरकार का पक्ष रखा।
अशोक चौधरी से सबसे पहले जनसुनवाई में भीड़ कम होने को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है। उन्होंने बताया कि सरकार ने प्रखंड स्तर पर ‘सहयोग कार्यक्रम’ शुरू किया है जो सहयोग पोर्टल के माध्यम से हर पंचायत में चल रहा है। अब लोगों की समस्याएं उनके गांव और प्रखंड स्तर पर ही सुनी और सुलझाई जा रही हैं। इसी वजह से लोगों को पटना तक आने की जरूरत नहीं पड़ रही और जनसुनवाई में भीड़ कम हुई है।
विपक्ष के आरोपों पर बोलते हुए अशोक चौधरी ने कहा कि जिन लोगों के शासनकाल में 118 नरसंहार हुए हों उन्हें आज सवाल पूछने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार कानून व्यवस्था के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग आज सरकार पर आरोप लगा रहे हैं वे खुद विभिन्न मामलों और मुकदमों का सामना कर रहे हैं। स्मार्ट मीटर को लेकर रोहिणी आचार्य के ट्वीट और आरोपों पर पूछे जाने पर अशोक चौधरी ने कहा कि जब भी कोई काम टेंडर प्रक्रिया से होता है तो उसकी अपनी दर और शर्तें होती हैं। बाजार में 100 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक के प्लास्टिक के सामान मिलते हैं जो उसकी मोटाई और गुणवत्ता पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों और लोगों ने इस पूरी प्रक्रिया को पूरा किया है वे इसका उचित जवाब देंगे। तेजस्वी यादव द्वारा पूरे राज्य में पदयात्रा निकालने के सवाल पर अशोक चौधरी ने चुटकी लेते हुए कहा कि अच्छी बात है इससे उनका वजन कम होगा।
इसके बाद मद्य निषेध एवं उत्पाद मंत्री मदन सहनी ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बिहार में पिछले 10 वर्षों से शराबबंदी और नशाबंदी कानून लागू है। सरकार समय-समय पर विभागीय समीक्षा करती रहती है लेकिन अभी इसमें किसी तरह के संशोधन या बदलाव की जरूरत नहीं है। मदन सहनी ने कहा कि यह कानून गरीबों, महिलाओं, दलितों, अनुसूचित जाति-जनजाति और अति पिछड़े वर्गों के परिवारों के भले के लिए लागू किया गया था और इससे उनके जीवन स्तर में काफी सुधार आया है। उन्होंने बताया कि तस्करी के खिलाफ कार्रवाई और तेज की गई है। इस बार पहले की तुलना में ज्यादा मात्रा में अवैध शराब के साथ चरस, स्मैक और हेरोइन जैसी चीजें भी जब्त की गई हैं और लगातार छापेमारी जारी है। मदन सहनी ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अब बिहार की सीमा में पकड़ी जाने वाली बाहरी राज्यों की शराब के मामले में सीधे उस ब्रांड और कंपनी पर FIR दर्ज की जाएगी और कंपनी के मालिक को बिहार लाकर कार्रवाई की जाएगी। इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पटना में एक ट्रक पकड़े जाने के बाद कंपनी के मालिक पर FIR दर्ज की जा चुकी है। जब पत्रकारों ने कांवड़ियों द्वारा नशा करने को लेकर सवाल पूछा तो मदन सहनी ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उनके बगल में बैठे नेता सुनील कुमार ने कहा कि कांवड़ियों पर इस तरह का आरोप लगाने का कोई सबूत नहीं है, यह सिर्फ सुनी-सुनाई बातें हैं जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
इस तरह प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक तरफ सरकार ने विकास, जनसुनवाई और कानून व्यवस्था को लेकर अपनी उपलब्धियां गिनाईं तो दूसरी तरफ शराबबंदी को सामाजिक बदलाव से जोड़कर उसके फायदे बताते



