रिपोर्टर– राजीव कुमार झा!
जलजमाव से फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सड़क जाम कर किया प्रदर्शन; बोले– शिकायत, आवेदन और आश्वासन के बाद भी नहीं हुआ समाधान
मधुबनी ज़िला के कलुआही प्रखंड क्षेत्र की मलमल दक्षिण पंचायत के वार्ड संख्या 12 एवं 13 में जलजमाव और जल निकासी की गंभीर समस्या को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। वर्षों से नाला जाम रहने और बरसात का पानी सड़क व गलियों में जमा होने से नाराज दर्जनों ग्रामीणों ने मुख्य सड़क जाम कर पंचायत प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने और जाम नालों की तत्काल सफाई कराने की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि हल्की बारिश होते ही सड़क और आसपास की गलियां तालाब में तब्दील हो जाती हैं। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण गंदा पानी कई दिनों तक जमा रहता है, जिससे लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली छात्र-छात्राओं, महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार लोगों को झेलनी पड़ रही है। इसी सड़क से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं स्कूल और कोचिंग के लिए आते-जाते हैं, लेकिन जलजमाव और कीचड़ के कारण उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे अभिभावकों में भी चिंता बनी रहती है। प्रदर्शन के दौरान जावेद अख्तर, मनव्वर इमाम, खुर्शीद अहमद और ज़ियाउल होदा ने बताया कि इस समस्या को लेकर पंचायत के मुखिया से कई बार मौखिक शिकायत की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गांव में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान जल निकासी की समस्या को लेकर लिखित आवेदन भी दिया गया था, इसके बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना था कि यदि समय रहते समस्या का समाधान कर दिया जाता तो ग्रामीणों को सड़क जाम करने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गांव में बनाए गए नालों पर अधिकांश स्थानों पर ढक्कन नहीं लगाया गया है। नालों के खुले रहने के कारण उनमें लगातार धूल, मिट्टी, प्लास्टिक और अन्य कचरा जमा होता रहता है, जिससे नाले जल्दी जाम हो जाते हैं और बरसात का पानी सड़क पर फैल जाता है। उनका सुझाव है कि यदि सभी नालों को मजबूत ढक्कनों से ढक दिया जाए तो नालों में गंदगी कम जाएगी, जल निकासी सुचारु बनी रहेगी और भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा उत्पन्न नहीं होगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से नालों की नियमित सफाई के साथ-साथ सभी खुले नालों को ढक्कन से ढकने की भी मांग की। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही जल निकासी की स्थायी व्यवस्था, जाम नालों की सफाई और खुले नालों पर ढक्कन लगाने का कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे प्रखंड कार्यालय का घेराव करने के साथ व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उनका कहना है कि विकास के दावे तभी सार्थक होंगे, जब बुनियादी समस्याओं का समाधान धरातल पर दिखाई देगा।




