रिपोर्ट- अवधेश कुमार
सदर अस्पताल में डॉक्टरों की एकदिवसीय हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गईं। अरवल में सिविल सर्जन पर हुए हमले के विरोध में बिहार राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ के आह्वान पर जिले के डॉक्टरों ने ओपीडी सेवा को पूरी तरह बाधित रखा और कार्य बहिष्कार कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
दरअसल यह विरोध प्रदर्शन भासा के राज्य अध्यक्ष संजीव कुमार झा के नेतृत्व में आयोजित किया गया। डॉक्टरों का कहना है कि अरवल में सिविल सर्जन पर हमला करने वाले आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी और राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था बहाल किया जाए
प्रदर्शनकारी डॉक्टरों का कहना था कि जब तक अस्पतालों में डॉक्टरों के लिए सुरक्षित माहौल नहीं बनाया जाएगा, तब तक वे बिना डर के अपनी सेवाएं नहीं दे सकते।वही
हड़ताल के कारण अस्पताल परिसर में सुबह से ही अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। सुदूर ग्रामीण इलाकों से इलाज कराने पहुंचे मरीजों को बिना किसी डॉक्टरी परामर्श के वापस लौटना पड़ा।पर्ची काउंटर से लेकर ओपीडी वार्ड तक मरीज की भीड़ देखी गई। लेकिन डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार के कारण उन्हें निराशा ही हाथ लगी।कई बुजुर्ग, महिलाएं और गंभीर रूप से बीमार मरीज ओपीडी सेवा बंद होने के कारण इलाज के लिए भटकते रहे।
फिलहाल अरवल की घटना ने पूरे प्रदेश के डॉक्टरों में भय और असंतोष का माहौल पैदा कर दिया है। गोपालगंज में एकदिवसीय हड़ताल के जरिए डॉक्टरों ने प्रशासन को सख्त संदेश दिया है कि यदि हमलावरों पर तुरंत कार्रवाई और सुरक्षा की गारंटी नहीं मिली, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र हो सकता है।



