रिपोर्ट – बिकास कुमार!
कमीशनखोरी और पक्षपात के आरोपों से गरमाया सलखुआ प्रखंड मुख्यालय
पंचायत समिति की बैठक में भारी हंगामा, उपप्रमुख ने योजनाओं के आवंटन में भेदभाव और जातिवाद का लगाया आरोप
सहरसा।
सलखुआ प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार में शनिवार को आयोजित पंचायत समिति की बैठक विकास योजनाओं में कथित पक्षपात, कमीशनखोरी और भुगतान में अनियमितता के आरोपों को लेकर हंगामे की भेंट चढ़ गई। बैठक के दौरान पंचायत समिति सदस्यों ने प्रखंड प्रमुख पर गंभीर आरोप लगाए, वहीं प्रमुख ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया।
बैठक में उपप्रमुख बाबूलाल यादव ने योजनाओं के आवंटन में भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि नियमानुसार सभी पंचायत समिति सदस्यों को समान रूप से योजनाएं मिलनी चाहिए थीं, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि योजनाओं के चयन में जातिवाद और पक्षपात को बढ़ावा दिया गया है। उपप्रमुख के अनुसार, एक पंचायत समिति सदस्य को पूरे वर्ष में महज साढ़े चार लाख रुपये की योजना दी गई, जबकि अन्य सदस्यों के हिस्से की योजनाओं को काटकर प्रमुख के अपने पंचायत समिति क्षेत्र उटेशरा में अधिक योजनाएं संचालित की गईं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
50 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप
पंचायत समिति सदस्य मेराज आलम ने योजनाओं के भुगतान में भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भुगतान के बदले 50 प्रतिशत पीसी (कमीशन) की मांग की जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कमीशन नहीं देने पर योजनाओं का भुगतान रोक दिया जाता है, जिससे क्षेत्र का विकास प्रभावित हो रहा है।
इस दौरान पंचायत समिति सदस्य दीपक दास ने सदन के माहौल पर तंज कसते हुए कहा, “दुविधा में दोनों गए, माया मिली न राम।” उन्होंने कहा कि पूर्व प्रखंड प्रमुख के कार्यकाल में भी मेराज आलम अपनी समस्याओं को लेकर परेशान थे और वर्तमान कार्यकाल में भी उनकी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
प्रमुख ने आरोपों को बताया निराधार
सदन में लगाए गए आरोपों पर प्रखंड प्रमुख सरिता संगम ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सभी योजनाओं का संचालन सरकारी दिशा-निर्देशों और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। उन्होंने पक्षपात, जातिवाद और कमीशनखोरी के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि किसी भी सदस्य के साथ भेदभाव नहीं किया गया है।
बैठक के दौरान हंगामे के अलावा सड़क, प्रधानमंत्री आवास योजना, नल-जल, स्वास्थ्य, कृषि तथा खाद-बीज की कीमतों समेत जनहित से जुड़े कई मुद्दों पर भी चर्चा हुई। पंचायत समिति सदस्यों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से कई सवाल किए। अधिकारियों ने शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।



