राघोपुर थाना क्षेत्र में दो भाइयों के बीच विवाद में चली गोली, खोखे बरामद!

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रिपोर्ट :- संतोष चौहान!

फायरिंग, मारपीट और धमकी के आरोप: घटनास्थल से कारतूस का खोखा बरामद, पुलिस जांच में जुटी

सुपौल :- राघोपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मानिकचंद चकला गांव के वार्ड संख्या-03 में दो सगे भाइयों के बीच चला आ रहा आपसी विवाद शुक्रवार की रात हिंसक झड़प में बदल गया। घटना के दौरान फायरिंग, मारपीट और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस घटनास्थल से एक कारतूस का खोखा बरामद कर मामले की जांच कर रही है।
पहले पक्ष ने लगाया जानलेवा हमले और फायरिंग का आरोप
पहले पक्ष के भीम प्रसाद यादव ने थाना में दिए आवेदन में बताया है कि शुक्रवार रात करीब 9:15 बजे बाबूल यादव उर्फ वीरेन्द्र यादव, अंकित यादव, आदित्य कुमार तथा भगवान सिंह हथियार और लाठी-डंडा लेकर पहुंचे और उन पर हमला कर दिया। आवेदन के अनुसार आरोपितों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की तथा लाइसेंसी पिस्टल से दो राउंड फायरिंग की। भीम प्रसाद यादव ने यह भी आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान उनके गले से करीब एक भरी सोने की चेन छीन ली गई। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व में भी उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी जाती रही है।
दूसरे पक्ष ने लगाया मारपीट और अभद्र व्यवहार का आरोप
वहीं दूसरे पक्ष के अंकित कुमार ने थाना में दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि शुक्रवार रात कुछ लोगों ने उन्हें घेरकर मारपीट की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया तथा उनकी बहन के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। अंकित कुमार ने अपने आवेदन में कहा है कि स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि विरोधी पक्ष द्वारा उन्हें झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस ने दर्ज किया केस, बरामद हुआ खोखा
घटना की सूचना मिलने के बाद राघोपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के दौरान घटनास्थल से एक कारतूस का खोखा बरामद किया। इसके बाद दोनों पक्षों के आवेदन पर अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
थानाध्यक्ष ने कहा कि – सभी पहलुओं की हो रही है जांच।
राघोपुर थानाध्यक्ष अमित कुमार राय ने बताया कि घटनास्थल से एक खोखा बरामद हुआ है। दोनों पक्षों द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की गहन जांच की जा रही है। यदि जांच में लाइसेंसी हथियार से फायरिंग और उसके दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित शस्त्र लाइसेंस रद्द करने के लिए सक्षम प्राधिकारी को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप, घटनास्थल से मिले साक्ष्य तथा अन्य तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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