रिपोर्ट – राजीव रंजन!
VC पर गंभीर आरोप लगाने वाली पूर्व महिला कर्मी पेट्रोल-माचिस लेकर पहुंची, सुरक्षा कर्मियों ने बचाई जान
बीएन मंडल विश्वविद्यालय (BNMU) परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब विश्वविद्यालय की एक पूर्व महिला संविदाकर्मी पेट्रोल और माचिस लेकर आत्मदाह करने पहुंच गई। हालांकि, पहले से सतर्क सुरक्षा कर्मियों ने समय रहते उसे रोक लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को हिरासत में लेकर थाना ले गई।
जानकारी के अनुसार, महिला ने घटना से एक दिन पहले राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, केंद्रीय गृहमंत्री, राज्यपाल समेत कई संवैधानिक पदाधिकारियों को ई-मेल भेजकर न्याय नहीं मिलने का आरोप लगाया था। अपने पत्र में उसने बीएन मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.एस. झा और उनके पीए राहुल रंजन पर गंभीर आरोप लगाए। महिला का दावा है कि पिछले दो वर्षों से उसके साथ शारीरिक शोषण के उद्देश्य से अनुचित व्यवहार करने की कोशिश की गई। आरोप है कि विरोध करने और कथित दबाव में नहीं आने पर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और अंततः नौकरी से हटा दिया गया।
महिला ने अपने पत्र में लिखा कि वह अत्यंत गरीब परिवार से आती है और परिवार की जिम्मेदारी उसी पर है। उसने बताया कि 5 अप्रैल 2026 को उसने राज्यपाल, महिला आयोग और जिला प्रशासन समेत कई अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई थी, लेकिन सौ दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि कुलपति के इशारे पर 60-70 लोगों ने उसके घर पहुंचकर अपहरण का प्रयास किया। इस संबंध में आवेदन देने के बावजूद अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। महिला का कहना है कि लगातार कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर न्याय की मांग के बाद भी सुनवाई नहीं होने के कारण उसने आत्मदाह जैसा कदम उठाने का निर्णय लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार सुबह को महिला पेट्रोल की बोतल और माचिस लेकर विश्वविद्यालय परिसर पहुंची थी। वह आत्मदाह की तैयारी कर रही थी, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने पेट्रोल छिड़कने से पहले ही उसे पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस उसे अपने साथ थाना ले गई।



